अपनी बदहाली पर रो रहा है ये चार जिलों का रिकॉर्ड रूम

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भोजपुर- आजादी के बाद भोजपुर जिले में शाहाबाद के चारों जिलों का रिकॉर्ड रूम खोला गया था जो आज भी जिला मुख्यालय आरा में स्थित है। आइए आज हम आपको इसकी बदहाली का रियलिटी चेक कराते है, रिकॉर्ड रूम की स्थिति देख आप भी कांप जाएंगे, क्योंकि अगर आप का जमीन भोजपुर, बक्सर, रोहतास या कैमूर में स्थित है तो आप का रिकॉर्ड मिलेगा की नहीं यह भगवान भरोसे ही है। हम ऐसा इसलिए कह रहे है कि जब अगर आपको किसी रिकॉर्ड की जरूरत पड़ती है या आपके पास से कोई रिकॉर्ड गुम हो जाती है या अगलगी में जल गई हो तो आप रिकॉर्ड रूम में आते है और कुछ शुल्क चुका कर फिर से वापस पा लेते हैं। मेरे पास नहीं है तो रिकॉर्ड रूम से निकाल लिया जाएगा इस भरोसे आप जब रिकॉर्ड रूम आते है तो यहां की बदहाली देख आप सन्न रह जाएगें। क्योंकि सारे रिकॉर्ड की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है पहले तो मिलना मुश्किल है अगर मिल भी जाए तो उसकी स्थिति इतनी जर्जर है की पता ही नहीं चलेगा की इसमें क्या लिखा है बहुत से ऐसी फाइले तो रखे- रखे सड़ गई हैं और उसे दीमक चाट रहे हैं और जो बची हैं वो फाइले धुल फांक रही हैं। वहीं इस रिकॉर्ड रूम में रिकॉर्ड निकालने के नाम पर यहां पदस्थापित कर्मचारियों के द्वारा जमकर उगाही की जा रही है।

आज एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसे देखकर आप भी सकते में पड़ जाएंगे कि आखिर इंसानियत कहां चली गई है। आरा के रिकॉर्ड रूम में उस वक्त एक शर्मनाक नजारा देखने को मिला जब एक बुजुर्ग कुष्ठरोगी से रिकॉर्ड निकालने के नाम पर 600 रुपए रिकॉर्ड रूम कर्मचारियों के द्वारा लिया गया। इस बुजुर्ग ने बताया कि वह पिछले 6 महीने से रिकॉर्ड के लिए यह दौड़ रहा है और उसको जब भी आता है तब उससे 100, 50 रुपए रिकॉर्ड निकालने के नाम पर लिया जाता है। वहीं कुछ आम लोगों ने आरोप लगाया कि यहां के रिकॉर्ड रूम में रिकॉर्ड निकालने के नाम पर खुलेआम पैसा लिया जाता है और तो और महीनों दौड़ाया भी जाता है। जब इस बात की पुष्टि हमने रिकॉर्ड रूम के बड़ा बाबू से की वह घबरा से गए और उन्होंने इस बात से अनभिज्ञता जाहिर की।

हालांकि उनकी स्थिति को देख कोई भी कह सकता है कि दाल में जरूर कुछ काला है। रिकॉर्ड रूम में पदस्थापित एक महिला कर्मचारी ने रिकॉर्ड रूम की स्थिति बयां की कहा हम महिलाओं को शौच के लिए डीडीसी कार्यालय जाना पड़ता है वहीं महिलाओं से भी रिकॉर्ड निकालने का भी काम करवाया जाता है। जो जायज नहीं है। रूम की स्थिति ऐसी है जहां कमरे में अंधेरा छाया रहता है वही सभी कर्मचारी ने भी आरोप लगाया है कि रिकॉर्ड रूम का कोई देख-रेख नहीं करता और यहां रिकॉर्ड निकालने के लिए कोई कर्मचारी पोस्टेड नहीं है। रिकॉर्ड रूम में अस्थाई रूप से 3 महिला कर्मचारी और एक पुरुष कर्मचारी पदस्थापित है। जिनके सहारे रिकॉर्ड रूम राम भरोसे चलाया जा रहा है बहरहाल देखना यह होगा कि रिकॉर्ड रूम की स्थिति को जो हम दिखा रहे हैं, उस स्थिति को सुधारा जाता है या यूं ही यह सारे रिकॉर्ड 1 दिन मिट जाएंगे और जो भी संपत्ति होगी वह बेनामी हो जाएगी।