अपने ही सरकार के योजनाओं को खुली चुनौती देते दिखे विधायक

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मोतीहारी- देश में प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन तो राज्य में सरकार लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत स्वच्छता कार्यक्रम चला रही है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण महात्मा गांधी के चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष की समाप्ति तक पूर्वी चम्पारण को खुले में शौच मुक्त बनाने के अभियान में अधिकारी जोर-शोर से लगे है।

लेकिन इन सभी अभियानों के बावजूद सत्ताधारी जनप्रतिनिधि खुले में मल-मूत्र त्याग कर रहे है। वह भी समाहरणालय परिसर में बेख़ौफ़ पेशाब करने से गुरेज नहीं कर रहे है। पेशाब करने वाले नेता केन्द्र और राज्य दोनों के सत्ताधारी दल भाजपा के विधायक है। खुलेआम खड़े होकर मूत्र त्याग करते ये महानुभाव पूर्वी चम्पारण के चिरैया विधान सभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक लाल बाबू प्रसाद यादव है। विधायक क्षेत्र की समस्याओं और सरकार की योजनाओं को धरातल पर लाने को लेकर जिला पदाधिकारी से लंबी वार्ता करने के बाद निकले और सीधे जा पहूंचे खुले में मूत्र त्याग करने।

अपने क्रिया से निवृत होकर विधायक बोलते है कि इस बीमारी का इलाज एक सप्ताह या एक महीने में नहीं हो सकता। इसके लिए सामाजिक परिवर्तन करने की जरुरत है। तभी अभियान सफल होगा। अब सवाल उठता है कि जिला प्रशासन ने ठाना है कि आगामी 17 अप्रैल को चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष का समापन होना है और इसके पूर्व पूर्वी चम्पारण जिला को खुले में शौचमुक्त करना है। जिसे लेकर प्रधानमंत्री के भी आने की संभावना है। तो इस स्थिति में विधायक इस बीमारी का इलाज कितने दिनों में कराना चाहते है।