अपराधियों का तांडव, युवक की गोली मारकर हत्या

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मुकेश कुमार सिंह

सहरसा – इन दिनों अपराधियों का खुलेआम चलता है सिक्का। जब चाहे जिसे चाहे खुलेआम गोलियों की बौछार से मौत की नींद सुलाता। देर रात फिर गोलियों की आवाज से थर्राया शहर। देर रात के तकरीबन साढ़े ग्यारह बजे सदर थाना क्षेत्र के नयाबाजार आरा मिल के पास बाजार से वापस अपने घर लौटने के दौरान एक चालीस वर्षीय सुनील कुमार सिंह को कार पर सवार अज्ञात हथियार बंद अपराधियों ने गोलियों से किया छलनी और मौके से हुआ फरार।

आसपास के लोगों ने गोलियों की आवाज सुनकर मौके वारदात पर पहुंचकर जख्मी युवक को इलाज के लिए ले गया सदर अस्पताल लेकिन डॉक्टरों ने युवक को मृत किया घोषित। मृतक युवक सदर थाना के नया बाजार का रहने वाला है। घंटों बाद पुलिस सदर अस्पताल पहुंचकर जुटी तफ्तीश में।

बता दें कि तकरीबन तीन महीने से यूँ कहे तो जिले की खाकी पुलिस अपराधियों के सामने बोनी साबित हो रही है। कभी दिन के उजाले में अपराधी गोलियाँ की बौछार कर मौत का बेखोफ तांडव कर खाकी को देरहा है खुलेआम चुनौती। फिर भी खाकी पुलिस अपराधियों के इस बेखौफ मौत के खेल को रोकने में सिफर साबित हो रही है बल्कि मौत के इस बदस्तूर खेल पर जांचों उपरांत रटी रटाई जुमले को कहकर मीडिया से पल्ला झाड़ने में लगी है। वहीं इस घटना को लेकर मृतक का भाई अनिल सिंह ने पैसे की लेन देन की बात भी कह रहे हैं।

इस घटना को लेकर आज आक्रोशित लोग घंटो शव को ठेला पर रखकर आगजनी और रोड जामकर प्रशासन के विरुद्ध किया उग्रप्रदर्शन। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे करनी सेना के जिला अध्यक्ष हरिओम सिंह ने कहा कि रात में हमारे समाज के अभिन्न अंग कहे जानेवाले हर सुख दुख में खड़ा रहनेवाले हमारे समाज के सिपाही की हत्या कर दी गई है और जो हत्यारा है वह खुलेआम घूम रहा है। प्रशासन के द्वारा कहीं से भी कोई पहल नहीं की गई है, हमलोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द अपराधी की गिरफ्तारी करे और जल्द से जल्द अपराधी को सजा दे।

उन्होंने ये भी कहा कि समाज इस तरह से दिग्भ्रमित हो रहा है और इस तरह से समाज में हत्याएं हो रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है ये कहीं से उचित नहीं है। यहां की प्रशासन अपनी गिरेवान में नहीं झांक रही है अपराधी पुलिस के नाक के नीचे हत्या कर फरार हो जाती है और प्रशासन ऐसी के चैंबर में बैठकर हवा खाती रहती है।

बहरहाल पुलिस शव को कब्जे में लेकर अपराधियों को अबिलम्ब सलाखों के पीछे पहुंचने का दावा तो कर रही है लेकिन लगातार हो रहे इस बदस्तूर मौत पर कब लगेगी विराम, जानना चाहती है शहर की ख़ौफ़ज़दा आम अवाम। फिलबख्त खाकी पुलिस के पास इस बदस्तूर मौत के खेल का कोई जवाब नहीं।