नीतीश कुमार के बाल विवाह और दहेज प्रथा अभियान को बताया नौटंकी

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पटना- युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी अरूण कुमार यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान को नौटंकी अभियान बताते हुए कहा है कि जनादेश अपमान कर भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार का चेहरा जनता के नजर में धुंधला सा हो गया है इसलिए नीतीश कुमार अपना चेहरा चमकाने के लिए बालविवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान का सहारा ले रहे हैं।

बाल विवाह को रोकने के लिए इतिहास में कई लोगों ने अभियान चलाया और आगे आये जिनमें सबसे प्रमुख राजाराम मोहन राय, केशवचन्द्र सेन जिन्होंने ब्रिटिश सरकार द्वारा एक बिल पास करवाया। जिसे स्पेशल मैरिज एक्ट कहा जाता था फिर भी सुधार न आने पर बाद में चाइल्ड मैरिज रेस्टारेंट नामक बिल पास किया गया इसमें लड़कों की उम्र बढ़ाकर 21 वर्ष और लड़कियों की उम्र बढ़ाकर 18 वर्ष कर दी गयी।

यादव ने कहा कि अभी हमारे देश में बाल विवाह और दहेज प्रथा रोकने के लिए कानून बनाये गये हैं जैसे बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और दहेज निषेध अधिनियम जो अस्तित्व में हैं। वैसे भी बिहार में बाल विवाह जैसी प्रथा का अस्तित्व मिट चुका है। बाल विवाह अगर कहीं होता भी है तो उसका सबसे बड़ा कारण है अशिक्षा, गरीबी इसलिए सरकार को इस अभियान से पहले शिक्षा, गरीबी, अंधविश्वास, उंच-नीच जैसी समाज में महामारी की तरह फैली सामाजिक बुराईयों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। ये सारे अभियान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सृजन घोटाला और बांध घोटाला से राज्य की जनता का ध्यान भटकाने के लिए चलाया जा रहा है। राज्य की जनता सब समझती है, समय आने पर सबक सिखायेगी।