अशोक चौधरी पर विश्वासघात का आरोप

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पटना – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री डॉ अशोक कुमार राम एवं कुटुम्बा के विधायक राजेश कुमार राम ने डॉ अशोक चौधरी के उस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने खुद को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के लिए कांग्रेस आलाकमान पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है.

दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने एक बार के विधायक रहे चौधरी को बिहार प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया तथा राज्य में महागठबंधन सरकार बनाने के बाद उन्हें शिक्षा एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग का मंत्री बनाने के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाए रखा साथ ही कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें बिहार विधान परिषद् का सदस्य भी बनाया.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया एवं बिहार में स्वर्गीय मुंगेरी लाल एवं स्वर्गीय डूमर लाल बैठा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया.

साथ ही कांग्रेस पार्टी के विभाजन के बाद स्वर्गीय जगजीवन राम को कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था और उनके कार्यकाल में कांग्रेस ने लोक सभा चुनाव में बहुमत प्राप्त किया था. कांग्रेस आलाकमान ने मीरा कुमार को लोक सभा का अध्यक्ष बनाया. दक्षिण भारत के दलित नेता स्वर्गीय डी संजीवइया भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे.

दोनों नेताओं ने कहा कि डॉ अशोक चौधरी अपने कार्यकाल से अधिक समय तक (साढ़े चार वर्ष) प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बने रहे तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर अपनी मनमानी चलाते रहे. महादलित होने के नाते राहुल गांधी ने डॉक्टर अशोक चौधरी पर विशवास किया लेकिन उन्होंने राहुल गांधी के साथ विश्वासघात किया है.
यह भी कहा कि डॉक्टर चौधरी द्वारा कांग्रेस आलाकमान पर दलित होने के नाते उन्हें हटाने का आरोप बेबूनियाद एवं तथ्य से परे है.