आंख खोलकर देखिए, बिहार में हो रहा बदलाव : नीतीश

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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोक शिकायत अधिकार अधिनियम के प्रचार-प्रसार जिम्मेदारी महिलाओं को दी। उन्होंने कहा कि दस साल तक मुख्यमंत्री से लेकर डीएम व एसपी जनता के दरबार में रहे। मगर यह लगा कि इससे सभी समस्याओं का निदान नहीं हो रहा। इसलिए अनुमंडल व जिला स्तर पर लोक शिकायत अधिकार कानून लागू किया। यहां सभी शिकायतों का निदान होगा।

सीएम ने कहा कि समय पर निदान नहीं हुआ तो जुर्माना होगा। गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को हटाया जाएगा। इसलिए कोई भी समस्या हो इधर-उधर कहीं नहीं जाकर सीधे अनुमंडल या जिला कर्यालय चले आइए।

युवा आज ऑनलाइन आवेदन दे रहे है। उन्हें उचित समय पर सही सलाह दी जा रही है। समस्या के निदान को लेकर लोग जागरुक हो रहे है। समय से समस्या का निदान हो रहा है। शराबबंदी से घर व समाज में प्रेम का माहौल बन रहा है। बिहार में ये सब बदलाव एक साथ हो रहा है।

नीतीश कुमार निश्चय यात्र के प्रथम चरण की समाप्ति पर शनिवार को डुमराव हवाई अड्डा मैदान में चेतना सभा को संबोधित कर रहे थे। यात्रा का विरोध करने वालों से कहा कि आंख खोलकर देख लीजिए, बिहार बदल रहा है। इसी तरह हम बढ़ते रहे तो बिहार फिर से गौरवशाली होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी यत्रा का मकसद है कि कौन कहां क्या हो रहा है यह देखें। कुछ कमी हो तो उसे दूर करें। देखकर खुशी हो रही कि सात निश्चय पर अच्छा काम हो रहा है। चुनाव से पहले जो वादा किया था उसे पूरा कर रहे है। यहां के युवा मेघावी व मेहनती है। मगर गरीबी के कारण युवा उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते। इसलिए सात निश्चय में पहला आर्थिक हल, युवाओं को बल को शामिल किया गया। युवाओं को उच्च शिक्षा दिलाने व हुनरमंद बनाने में सरकार जुटी है।

हर घर नल से जल व बिजली, खुले में शौच से मुक्ति पर भी काम चल रहा है। जिले का बेलसंड अनुमंडल खुले में शौच से मुक्त हो गया। यह अनुकरणीय है। अब पूरे राज्य को खुले में शौच से मुक्त करना है।

नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून को लेकर फिर कहा कि कुछ भी हो यह लागू होगा। मगर जिन्हें इसे लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से कुछ पैसा बनाने में लग गए। जिन्हें बाल बच्चा नहीं वे भी इस काम में लग रहे है। मगर वे जान लें कि कफन में जेब नहीं होती। वे सचेत हो जाएं।

महिलाओं से सीएम ने कहा कि शराबबंदी उनकी मांग पर ही लागू हुई है। मगर कानून से ही इतना बड़ा अभियान सफल नहीं हो सकता। इसके लिए जन जागरुकता जरुरी है। कहीं गड़बड़ी हो तो पुलिस को बताएं। नशापान करने वालों को समझाएं। नहीं मानें तो नशामुक्ति केंद्र में भर्ती करा दें। वहीं कोई धंधा करता मिले तो वहां जाकर सब ध्वस्त कर दें, सरकार आपके साथ है।