आकांक्षी जिलों के पदाधिकारियों एवं वैज्ञानिकों का किया गया क्षमतावर्द्धन – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना – कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी द्वारा देश के सभी राज्यों में वैसे जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया गया है, जो विकास सूचकांक के पैमाने पर पिछड़े हुए हैं। इन जिलों के कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के पदाधिकारियों को कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रो के विकास करने हेतु विभिन्न संस्थानों के माध्यम से क्षमता सम्बर्द्धन के कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में बामेती, पटना में आई॰टी॰सी॰ मिशन सुनहरा कल कार्यक्रम के अंतर्गत आई॰टी॰सी॰ लिमिटेड, मुंगेर तथा नीति आयोग, नई दिल्ली द्वारा कृषि विकास के अंतर्गत खेती के प्रामाणिक तरीकों के संप्रेषण एवं प्रसार करने हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार के पाँच आकांक्षी जिलों बेगूसराय, सीतामढ़ी, शेखपुरा, कटिहार एवं अररिया के साथ-साथ झारखंड के दो जिलों साहेबगंज एवं पाकुड़ के कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों के साथ-साथ गैर सरकारी संस्थान जन निर्माण केन्द्र, मुजफ्फरपुर एवं सर्व-सेवा समिति संस्थान, कोलकाता के जिला कार्यक्रम समन्वयकों, क्षेत्र पर्यवेक्षको तथा कार्यकत्र्ताओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

मंत्री ने कहा कि आई॰टी॰सी॰, मुंगेर द्वारा राज्य के पाँच जिलों के प्रत्येक गाँव में उन्नत कृषि विकास के लिए विभिन्न उदेश्यों को लेकर अनेक प्रकार के किसानोपयोगी कार्य किया जा रहे हैं, जिनमें मुख्य रूप से टिकाऊ खेती, कम लागत पर ज्यादा उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य सुधार तथा इनके साथ-साथ कृषि यांत्रीकरण को बढ़ावा देने हेतु किसान समूह का निर्माण कर कस्टम हायरिंग सेन्टर के जरिये कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा हैं। इन्हीं सब विषयों पर कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही, कृषि जलवायु पारिस्थितिकी तंत्र के अनुसार किसानों के लिए उपयोगी तकनीक का समुचित प्रत्यक्षण तथा किसानों को सरल भाषा में तकनीकों को समझाते हुए उन्हें विभिन्न फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग करने को प्रेरित करने के लिए इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

डाॅ॰ कुमार ने कहा कि अगर किसान तकनीकी रूप से दक्ष होंगे, तभी वे वैज्ञानिक तरीको से खेती कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में आई॰टी॰सी॰ के द्वारा बेहतर तरीके से कार्य करने की आवश्यकता हैं। किसानों की स्थिति सुधारने की दिशा में आई॰टी॰सी॰ द्वारा अच्छे तरीके से कार्य किया भी जा रहा हैं, इसमें और मजबूती लाने की आवश्यकता हैं।