आद्री ने हरित कौशल विकास कार्यक्रम का किया आयोजन

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आद्री ने पटना स्थित पर्यावरण, ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन केंद्र; सीईईसीसी ने आज मंत्रालय की महत्वकांक्षी फ्लैगशिप परियोजना – हरित कौशल विकास कार्यक्रम ;जीएसडीपी के प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। सीईईसीसी भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधन में जल प्रबंध्न विषयक जलवायु परिवर्तन पर पर्यावरण सूचना प्रणाली; एनविस संसाध्न सहभागी भी है।

हरित कौशल विकास कार्यक्रम भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पर्यावरण सूचना प्रभाग की परियोजना है जिसे भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा के राष्ट्रीय कौशल विकास अभिकरण के साथ मिलकर तैयार किया गया है। आज दुनिया पर्यावरण संबंधी जिन चुनौतियों का सामना कर रही है, पर्यावरण के क्षरण और पर्यावरण परिवर्तन के खतरे से लड़ने के लिए युवाओं के हरित कौशलीकरण के जरिए उनसे निपटना परियोजना का लक्ष्य है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कुशल जनशक्ति उपलब्ध कराने के लिहाज से यह परियोजना युवक-युवतियों को सभी स्तर पर पर्याप्त प्रशिक्षण देगी। सीईईसीसी जल संबंध अंकेक्षण एवं बजट निर्माण पाठ्यक्रम के लिए प्रमुख अखिल भारतीय केंद्र है और इस पाठ्यक्रम को अपने ज्ञान विषयक साझीदार – ईपीट्री, हैदराबाद के साथ मिलकर चला रहा है।

इस प्रशिक्षण में जल बजट एवं अंकेक्षण तथा प्रदूषण अनुश्रवकों पर प्रशिक्षण सत्र शामिल हैं। इसके लिए विभिन्न अकादमिक विषयों के 20 से 35 वर्ष के कुल 41 सहभागी आए जिन्होंने प्रकृति के संरक्षण के अपने साझा लक्ष्य को लेकर अपनी कुशलता साबित की है। 45 दिन के इस प्रशिक्षण में शिक्षाविद, समाजसेवी, पर्यावरणविद आदि विभिन्न क्षेत्रों के अनेक विशेषज्ञ आएंगे। वे पर्यावरण के समुदाय स्तरीय चैंपियन लोगों का समूह तैयार करने के लिए सहभागियों को कक्षा तथा क्षेत्र में विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित करेंगे ताकि वे पर्यावरण क्षरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के एजेंडा के लिए अगुआ की भूमिका निभा सकें। परियोजना का लक्ष्य वर्ष के अंत तक 80,000 जल अंकेक्षक तैयार करना है।

आद्री के निदेशक प्रोपफेसर प्रभात पी. घोष ने आरंभिक सत्र में कहा कि ‘‘समाज वैज्ञानिक अपने हस्तक्षेपों या नीतियों के जरिए दुनिया को अकेले नहीं बदल सकते। इस लिहाज से योजनाओं को क्रियान्वित कराने के लिए पूरे समुदाय को मिलकर काम करना होगा।’’ सीईईसीसी के निदेशक अबिनाथ मोहंती ने सभी सहभागियों के साथ बातचीत की जिनमें से प्रत्येक ने अपने-अपने कौशलों और क्षेत्रा में अपने कार्यों की संक्षिप्त जानकारी दी। सीईईसीसी की हरित कौशल विकास कार्यक्रम की समन्वयक और सूचना अध्किारी प्रज्ञा पारामिता गुप्ता ने आरंभिक सत्रा का संचालन किया जिसमें सहभागियों को पाठ्यक्रम, उसके लक्ष्य और संभावनाओं की संक्षिप्त जानकारी दी गई। संचालन में एनविस टीम के अन्य सदस्यों- कार्यक्रम अध्किारी विवेक तेजस्वी और जीआइएस विशेषज्ञ सह परियोजना समन्वयक रवि रंजन ने भी साथ दिया जिन लोगों ने पाठ्यक्रम का आरंभ करने और रूपरेखा तैयार करने के लिए कठिन परिश्रम किया है।