आपराधिक घटनाओं के खिलाफ राष्ट्रीय वैश्य महासभा ने निकाला कैंडल मार्च

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पटना – गया में हुई सामुहिक बलात्कार सहित राज्य में बढ़ती हुई अपराधिक घटनाओं के खिलाफ राष्ट्रीय वैश्य महासभा, बिहार के द्वारा कैण्डल मार्च सह विरोध मार्च का आयोजन किया गया। कैण्डल मार्च सह विरोध मार्च में हजारों कि संख्या में लोग हाथों में काली पट्टी बांधकर हाथों में लिखा हुआ अब हम जूल्म ना सहेंगे, सभी वैश्य मिलकर साथ लड़ेंगे के नारे के साथ कैण्डल मार्च गांधी मुर्ती के पास से निकाला गया जो कि गांधी मैदान के चारों ओर मार्च करते हुए कारगिल चौक पहूंचा।

मार्च का नेतृत्व राष्ट्रीय वैश्य महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह राजद आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पी0 के0 चौधरी कर रहे थे। मार्च में शामिल लोग ना राम खतरे में, ना रमजान खतरे में सिर्फ व्यवसायियों की जान खतरे में, बिहार में बहार है अपराधियों की भरमार है के नारे लगा रहे थे। मार्च में डाॅ0 प्रकाश चन्द्रा, आलोक पोद्दार, श्रवण कुमार, ललन साह, सुन्दरम पोद्दार, गोविन्द साह, विपीन परासर, मुकेश जैन, बिना मानवी, सरदार रणजीत सिंह, उपेन्द्र चन्द्रवंशी, राज गौरव उर्फ टाईगर, जितेन्द्र शर्मा, अनील जयसवाल, मदन शर्मा, बजरंग अग्रवाल, मुन्ना केशरी, मिना देवी, ई0 नितीन कुमार, सन्नी कुमार, अखिलेश जायसवाल, आलोक साह, मनोज गुप्ता आदि शामिल थे।

कारगील चौक पर एक सभा हुई जिसको पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में जिस प्रकार अपराधिक घटनाएं बढ़ी है तथा गया में महिला के साथ सामुहिक बलात्कार हुआ है उसकी जितनी भी नींदा की जाय वह कम है। राष्ट्रीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह व्यवसायीक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सतीश गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि पुरे बिहार में अपराधियों का सम्राज्य स्थापित हो गया है। पूरे बिहार में अपराधियों के द्वारा समानांतर शासन चल रहा है और व्यवसाईयों और वैश्य समाज के लोगों को टारगेट किया जा रहा है और सरकार मौन है।

संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव डाॅ0 प्रेम गुप्ता ने कहा कि इस राज्य में वैश्य समुदाय असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं संबोधित करने वाले लोगों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद नारायण पोद्दार, महासचिव सुभाषचन्द्र प्रसाद राजद राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भाई अरूण कुमार ने भी संबोधित किया और सभी लोग सरकार के इस रवैये के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और सरकार से अविलम्ब व्यापारियों पर हो रहे अपराध को रोकने हेतु ठोस कदम उठाने, गया रेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने तथा पीड़ित परिवार को 50 लाख रू0 का मुआवजा, पीड़ित परिवार की सुरक्षा हेतु सरकारी नौकरी, अपराधियों की षिघ्र गिरफ्तारी कर स्पीडि ट्रायल करवाकर फांसी की सजा दिया जाय।