आयुष्मान भारत के अंतर्गत डेढ़ लाख स्वास्थ्य केन्द्रों को 2022 तक हाइटेक की जाएगी – अश्विनी चौबे

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गया – केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने परिसदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूरे देश में आयुष्मान भारत विश्व का अनूठा कार्यक्रम है। स्वास्थ्य क्षेत्रों में गरीब को अपने इलाज के लिए जानवर और मकान तक बेचनी पड़ती थी। गाँव के लोगों को स्वस्थ बनाने के तहत स्वच्छता को भी बड़े पैमाने पर देश के लिए तोहफा है। इससे 10 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे। 5 लाख रुपये प्रत्येक परिवार को चिन्हित की गई है जनगणना के आधार पर सूची बनाई गई है। गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले लाभान्वित होंगें। पंडित दिन दयाल उपाध्याय के जन्मदिवस के अवसर पर शुरुआत की जाएगी।

उन्होंने कहा कि देश के 29 राज्य के साथ केंद्र सरकार ने समझौता किया है और राज्य सरकार इस योजना को लागू करे। ट्रस्ट मोड़ या इंश्योरेंस मोड़ में किस मोड़ में लागू करेंगे यह राज्य सरकार तय करेगी। सभी राज्यो ने इसके लिए एजेंसी बनाई है।कर्नाटक, केरल, तमिलनाडू, दिल्ली शेष रह गए है। सभी लाभुकों को चिन्हित कर लिया गया है। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से उनलोगों के घरों तक पत्र पहुँचेंगे, सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में राज्य के बाहर भी इलाज करा सकेंगे। सभी अस्पतालों में स्वास्थ मित्रो की बहाली होगी ताकि आधे घण्टे के अंदर जाँच कर इलाज शुरू हो जाएगा। 1350 प्रकार के बीमारियों का पैकेज होंगे जिसका अलग-अलग रेट तय की गई है इलाज के बाद राज्य सरकार को एजेंसी के द्वारा अस्पताल को राशि उपलब्ध कराई जाएगी। भ्रष्टाचारों पर रोकथाम लगेगी जो भी दोषी पाए जाएंगे उसके लिए अलग सेल भी बनाई गई है। डेढ़ लाख स्वास्थ्य केंद्र है 2022 तक हाइटेक की जाएगी। डॉक्टर और चिकित्सीय सुविधा को बढ़ाई जानी है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ने के लिए राज्य सरकार स्तर पर कॉल सेंटर बनाई जानी है। जिसमे गया में 20 केंद्र होगी।

उन्होंने बताया कि बिहार राज्य में 5 जगहों पर सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल स्वीकृत है। जिसके निर्माण में 60% केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार का सहयोग रहेगा। प्रधानमंत्री उनयन योजना के अंतर्गत की जा रही है। मुज़्ज़फ़रपुर में 150 बेड वाले कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज की सुविधा मिलेगी। गहलौर apc और करमौनी apc में आयुष्मान भारत के तहत पहले फेज में किया जाना है। 3 लाख 20 हजार लोगों को गया जिले में चिन्हित किया गया है जिन्हें आयुष्मान भारत का पत्र भेजा जाना है। 1054 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ जो अमृत योजना के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई है। कैंसर और हृदय रोग की दवाईयां बाजार से 60 से 90% सस्ती दवाईयां उपलब्ध कराई जाएगी।