आरक्षण की व्यवस्था सिर्फ सामाजिक स्तर ही मानक है

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पटना – पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम एवं राजद सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता निर्भय अम्बेदकर ने एक संयुक्त पे्रस बयान जारी कर कहा है कि बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेदकर ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति को केन्द्र एवं राज्य सरकार की नौकरियों में सामाजिक स्तर के आलोक में आरक्षण दिया गया है। पिछड़ों को वी0 पी0 मंडल कमीशन के आलोक में केन्द्र के नौकरियों में सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, पिछड़ापन की वजह से 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। देश में नौकरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। जबकि 85 प्रतिशत की आबादी के लिए 49.50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। 15 प्रतिशत के लिए 50.50 प्रतिशत शेष है। एस0सी0एसटी0, ओबीसी, के उम्मीदवारों के द्वारा पर एफ.सी. के कटआॅफ माक्र्स से ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को शेष 50.50 प्रतिशत के कोटे में जोड़ना चाहिए। जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 49.50 प्रतिशत के कोटा में रखा जाना अनुचित है। जिन वर्गों को आरक्षण देने की व्यवस्था की गई वह बिल्कुल सामाजिक स्तर का मानक है। इन नेताओं ने कहा है कि सवर्ण जाति के गरीब छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा ग्रहण हेतु विशेष व्यवस्था कर आर्थिक सहयोग केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा करने की मांग की है।