इलाज को लेकर पुलिस और डॉक्टरों में तनी

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वैशाली- सुबे के स्वास्थ्य मंत्री के इलाके के सदर अस्पताल हाजीपुर में एक महिला मृत्युसैया पर लेटी इलाज के लिए तड़पती रही। डीएसपी जल्द इलाज के लिए डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन से गुहार लगाते रहे लेकिन डॉक्टर साहब इलाज के बजाय जरुरी कागजात ढूंढते रहे, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सबसे पहले इलाज को ही प्राथमिकता देने का निर्देश भी जारी किया हुआ है । मगर डॉक्टर साहब को मरीज की जान बचाने की बजाय कागजात की पड़ी थी।

महिला को इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल लेकर आये मुख्यालय डीएसपी सियाराम गुप्ता और महनार के डीसीएलआर ललित कुमार डॉक्टर साहब से इलाज के लिए उलझ गए। मामला हाथापाई तक पहुँच गया। इसके बाद तो डॉक्टर साहब लोग सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा ठप्प कर हड़ताल पर चले गए और नगर थाना में डीएसपी साहब से माफ़ी की मांग करते हुए हाजीपुर नगर थाने में शिकायत दर्ज करा दिया। पूरा वाकया कुछ यूं है कि आज मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा सुचारू रूप से चलाने के लिए अक्षयवट राय स्टेडियम में वैशाली डीएम ने एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया था।

उसी दौरान एक अज्ञात महिला सुसाइड नोट के साथ डीएम के प्रशिक्षण स्थल के पास पहुँच कर जमीन पर गिर गई । तमाम अफसर और भीड़ आत्महत्या की बात देखते और समझते ही भौंचक रह गए। डीएम ने खुद जल्दी से महिला का इलाज कराने की पहल की। महनार डीसीएलआर ललित कुमार डीएसपी की गाडी से  महिला को लेकर सदर अस्पताल पहुँचे। इमरजेंसी में डॉ अरविन्द कुमार मरीजो का इलाज कर रह थे। बाद में जब किसी और वाहन से डीएसपी अस्पताल पहुँचे तब तक महिला का इलाज शुरू नहीं हो पाया था और कागजी खानापूर्ति की कार्रवाई की जा रही थी जिसके बाद डीएसपी और डॉक्टर के बीच कहासुनी शुरू हो गयी और मामला हाथापाई तक पहुँच गया।

हालाकि अब मामले ने संगठनात्मक रूप लेते हुए हड़ताल और तमाम तरह के विरोध करने का मौका चिकित्सकों को जरुर दे दिया है लेकिन पुलिस विभाग और जिला प्रशासन मामले को शांत करने के लिय हर तरह के पहल करने को तैयार है ।