एक झंडे के नीचे आएंगे तीनों पार्टी, हम,रालोसपा और लोजपा : जीतनराम मांझी

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पटना: एनडीए के घटक दलों में उपजा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। जीतनराम मांझी पटना में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि एनडीए में तालमेल ठीक नहीं चल रहा है इसलिए हम,रालोसपा और लोजपा अब एक झंडे के नीचे आएंगे और एक नई पार्टी बनाई जाएगी।

बिाहर में शरारबबंदी पर कहा कि शराबबंदी का कदम सराहनीय है, पर सिर्फ शराबबंदी है या नशाबंदी। राज्य सरकार स्पष्ट करे। और शराबबंदी में दोगली नीति क्यों। देसी बंद पर अंग्रेजी शराब पर बैन क्यों नहीं। अफीम की खेती हो रही है। इसे बंद करना चाहिए। सरकार को हौमियोपैथ को बैन नहीं किया जाना चाहिए। उनको जरूरत अनुसार स्प्रिट उपलब्ध कराएं।

प्रमोशन में रिजर्वेशन मामले में कहा कि डीपीसी कराने के लिए पहले बैन था। जिसे कोर्ट में जा के राज्य सरकार फ्री करा लिए। और प्रमोशन में रिजर्वेशन को खत्म करने जा रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट में नागराज मामले में ये निर्णय आया था कि राज्यसरकार चाहे तो, फैट्स रखते हुए प्रमोशन में आरक्षण जारी रख सकती है।

बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट के नागराज मामले के अनुसार कार्य करना चाहिए। और जबतक कोई मामला सब-ज्युडिश हो, तो कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। राजस्थान और मध्यप्रदेश में नागराज मामले के आधार पर प्रमोशन में आरक्षण लागू रखेंगे। वहां भाजपा की सरकार है, जिसे ये लोग आरक्षण विरोधी कह कर वोट लेने का काम किये हैं। बिहार सरकार आरक्षण विरोधी और दलित विरोधी है।
वहीं हम,रालोसपा और लोजपा के विलय पर कहा कि हम तीनों में मर्ज पर बात नहीं हुई हुई। बात ये थी कि तीनों के सहमति से कोई भी कार्यक्रम का आयोजन कर जनहित का कार्य करें। लॉ एण्ड आर्डर पर तीनों मिलकर अपराध और सरकार का विरोध करेंगे। भाजपा हमें तबज्जो नहीं दिया तो हमलोग एक झंडे, एक बैनर के नीचे भी आ सकते हैं। इससे एनडीए को ही फायदा होगा। यूपी, बंगाल और आसाम में हमलोग आपस में मदद करेंगे।

मायावती जी की पार्टी के लोगों से बात हुई, उनसे भी बात होने की बात है। हम अखिलेश यादव की सरकार फिर से न बने, इसके लिए प्रयास करेंगे। रामविलास पासवान, उपेन्द्र कुशवाहा या जीतन राम मांझी कोई भी लीडर हो सकते हैं। भाजपा को बड़ा भाई मानते हैं। पर हमें वो तवज्जो नहीं दे रहे हैं। ये उनकी नादानी है। अलग अलग खिचड़ी पक रही है।

भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अगर, हम,रालोसपा और लोजपा में विलय होती है तो इस विलय का हम स्वागत करते है। अगर विलय होगा तो घटक दलों की संख्या कम होगी। और एनडीए को सुविधा होगी बात चीत करने में। अब उनको तय करना होगा कि क्या करना है। अगर जीतनराम मांझी को कोई शिकायत होगी तो निश्चित रुप से मिल बैठ कर उप पर बात करेंगे और जो शिकायत होगी उसे दूर करने का काम करेंगे।

वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जीतनराम मांझी, रामविलास पासवान और उपेन्द्र कुशवाहा को चुनाव के दौरान बीजेपी के लोगों ने इस्तेमाल करने का काम किया है। अब बीजेपी को उनकी जरुरत नहीं है इसलिए तवज्जो नहीं दे रहे है। बीजेपी पहले हर रैली में उनलोगों को सम्मान देते थे। वह लोग एकजूट होकर हमलोगों के फोरमूला को अपनाना चाहते है यह उनलोगों का अपना निर्णय है।

वर्तमान में बीजेपी का ग्राफ गिरा है उसको लेकर एनडीए के घटक दल नाखुश है। सभी लोग बीजेपी के शासन से नाखुश है। बीजेपी की तानाशाही राजनीति के चलते उनलोगों को यह निर्णय लेना पड़ा। बिहार में जदयू-राजद और कांग्रेस के बीच संबंध बहुत ही मधुर और सकारात्मक है।