एक बेजुबान की सेवा के लिए खड़े हुए कई लोग

397
0
SHARE

औरंगाबाद: शहर के सब्जी मंडी के समीप दो बछड़े मरणासन्न अवस्था में पड़े थे। ज़िस पर भारतीय गौरक्षा समाजसेवा संगठन के सचिव की नजर पड़ी और इसकी तत्काल सूचना पशुपालन अस्पताल में कार्यरत ऑन ड्यूटी पशु चिकित्सक आशुतोष मिश्रा को दी गयी। मिश्रा ने काफी संवेदनशीलता दिखाते हुए बीमार बछड़े का उपचार सरकार के द्वारा उपलब्ध करायी गई दवाओं से शुरू किया साथ-साथ अपने तरफ से भी दवाई उपलब्ध करवाया।

बीमार बछड़े को बचाने के लिए गौ रक्षा संगठन ने पहल किया तो तो कई संगठनों ने उनका साथ दिया औरंगाबाद सेवा शिविर के राम विकास सिंह एवं पप्पू पांडे ने बीमार बछड़े के उपचार के लिए हर संभव मदद किया तथा अलाव की व्यवस्था की औरंगाबाद पशु अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर आशुतोष मिश्रा ने संगठन के लोगों को आश्वस्त किया कि इस तरह के बीमार बछड़े लावारिस पशुओं के इलाज के लिए अपने स्तर से व्यक्तिगत तौर पर मदद करेंगे। सचमुच में ऐसे संवेदनशील पशु अधिकारियों के माध्यम से ही यह पवित्र कार्य संभव हो सकेगा।

विदित हो कि औरंगाबाद में लावारिस पशुओं की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है। दूध निकालने के बाद पशुपालक बछड़े को सड़क पर लावारिस हालत में छोड़ छोड़ देते हैं और ये पशु दुर्घटना का शिकार होते हैं या बीमार हालत में सड़क पर दुख भोगने को मजबूर होते हैं। इस शहर में ऐसे सौ डेढ़ सौ लावारिस पशु है जो सड़क पर खुलेआम घूमते रहते हैं और ट्रैफिक में भी समस्या पैदा करते हैं।पहल नामक संस्था की मानें तो पहल के सदस्य पार्थ ने एक कदम आगे बढ़कर पहल किया और इस समस्या से नगर परिषद के अधिकारी को अवगत कराया परंतु मौखिक आश्वासन देने के बाद इस पर आज तक कोई पहल नहीं की गई ।

संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बगल में ही दुकान चलाने वाले गुड्डू खान ने बछड़े के इलाज में मदद किया जब तक इलाज चलता रहा वह संगठन के लोगों के साथ खड़े रहे। गोरक्षा संगठन के शशांक शेखर ने कहा बछड़े के इलाज में लोगों ने जो भाईचारा का परिचय दिया है वही इस भारतीय संस्कृति का की जान है और हम लोगों को अपनी इस संस्कृति को किसी भी हाल में बचाने की जरूरत है।