“एगो सुंदर भोजपुरी कविता”

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बिहार बोर्ड करे लागल अब कड़ाई ।
का करीं पढ़ी की छोड़ दी पढ़ाई ।।

पहिला में रहनी त कुछो ना बुझाइल,
दूसरा में गइनी त कखगघ आइल ।
तीसरा में लइकन से कइनी लड़ाई ,
का करीं पढ़ी की छोड़ दी पढ़ाई ।।

पहाड़ा याद भइल चौथा में आके,
हेड सर से कहनी हम पांचवां मे आके ।
डरेस के पैसा बोलीं कहिया भेंटाई,
का करीं पढ़ी की छोड़ दी पढ़ाई ।।

छठा मे लगनी खूब गीत हम गावे,
गीतवा हमार लागल सबकर के भावे ।
मन बा खेसरिया से भी आगे जाई,
का करीं पढ़ी कि छोड़ दी पढ़ाई ।।

सातवाँ मे छोड़ देनी बकरी चरावल,
भूल गइनी सब हम सर के पढ़ावल ।
उम्मीद बा नौंवा में साइकिल भेटाई,
का करी पढ़ी कि छोड़ दी पढ़ाई ।।

फेल अगर मैट्रिक में हो भी  हम जाएम,
त बन जाएम नेता घोटाला कराएम ।
रोज अखबार में नाम हमरो छपाई,
का करी पढ़ी की छोड़ दी पढ़ाई ।।

🙏🙏अगर रउआ सब के इ कविता अच्छा लागल त ए के आगे शेयर करीं🙏🙏