एनआरसी और सीएए देश में घुसपैठियों के पहचान के लिए नहीं बल्कि मोदी और अमित शाह के अरमान के लिए लाया गया है : कन्हैया कुमार

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दिलीप कुमार

कैमूर – जिले के नगर पालिका मैदान भभुआ में आज कन्हैया कुमार का सभा आयोजित हुआ। कन्हैया जैसे ही भभुआ के कैमूर स्तंभ पहुंचे उसी समय करणी सेना के लोगों द्वारा कन्हैया मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए काला झंडा दिखाया गया। कन्हैया के सभा को लेकर दर्जनों की संख्या में पुलिस के साथ सीआरपीएफ के जवान कैंप कर रहे थे।

कन्हैया कुमार ने अपने सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर भड़ास निकाला। सीएए और एनआरसी के विरोध में लोगों के एकजुट होने की बातें कहीं। कन्हैया कुमार ने मीडिया द्वारा काले झंडे दिखाए जाने पर भी भड़ास निकाला। यात्रा एनआरसी के संघर्ष मोर्चा के बैनर तले निकाली गई है।

हमें कुछ लोगों द्वारा पत्थर जूता मारा और फेंका जा रहा है। जिसका वीडियो द्वारा भी ज्यादा तवज्जो दिया जा रहा है। लेकिन मुझे इनसे अंतर नहीं पड़ता है। क्योंकि 200 रुपया के लिए बीजेपी के लोगों द्वारा यह सब करवाया जा रहा है। सरकार को केवल अपनी चिंता है। वह नासमझ लोगों के हाथों में लालच देकर काला झंडा दिलवाया गया। मुझे काला झंडा दिखाने से अगर वाकई में देश का कल्याण होगा तो हम काला झंडा बांधकर पूरा देश घूमने को तैयार हैं।

कन्हैया ने कहा कि अगर हम देशद्रोही होते तो डीएसपी और एसडीएम मेरे पेट्रोलिंग नहीं करते। दिल्ली में इनका जो फूफा बैठा है वह विरोध करवा रहा है। देश में राम मंदिर और 370 का मामला अब बंद हो गया तो? हिंदू-मुस्लिम करने के लिए एनआरपी और सीएए लेकर सरकार चली आई। सरकार अगला प्रधानमंत्री अमित शाह को बनाना चाहती है। इस कारण यह सारी चीजें ला रही है। अगर जेएनयू में देशद्रोह का कार्य होता तो सरकार थोड़ी छोड़ देती।

उन्होंने बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिहार के लोग 3 साल का ग्रेजुएसन 5 साल में पूरा करते हैं कभी काला झंडा शिक्षा मंत्री के यहाँ नहीं दिखाया गया। चमकी बुखार से लोगों की मौत हुई काला झंडा स्वास्थ्य मंत्री के यहाँ नहीं दिखाया गया। धर्म के नाम पर जो राजनीति की जा रही है उसे देश का भला नहीं होने वाला है। देश की स्थिति पर हमारा ध्यान ना जाए उसको भटकाने के लिए यह सब मुद्दे छोड़े जा रहे हैं। देश में विकास और बेरोजगारी पर बातें कोई ना करें इसलिए यह सब चीज लाया जा रहा है। हमारे बिहार में शिक्षा, रोजगार और घूमने के लिए पलायन करना पड़ता है। डर के मारे लोग बिहार आना नहीं चाहते हैं।

आगे उन्होंने कहा कि एनआरसी और सीएए देश में घुसपैठियों के पहचान के लिए नहीं बल्कि मोदी और अमित शाह के अरमान के लिए लाया गया है। एनआरसी केवल आसाम में लगना था लेकिन यह लोग पूरे देश में एनआरसी लगाकर लड़ाना चाह रहे हैं। लेकिन हम लोग इनके मंसूबे को पूरा नहीं होने देंगे। अमित शाह कहते हैं कि एक इंच पीछे नहीं हटेंगे, एक इंच तो दूर पूरे देश से विजय माल्या की तरह भागना होगा।