एसडीपीओ के आदेश पढ़ थानाध्यक्षो ने ठोक लिया माथा

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जहानाबाद- एसडीपीओं कार्यालय का आदेश नगर थाना एवं पारसविगहा थाना के लिए परेशानी का सबब बन गया। मामला गलत केसों का हवाला देकर शराब विनिष्टीकरण से जुडा है। हालांकि हडबड़ी में गडबड़ी का एसडीपीओं कार्यालय का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी अपनी लिपकीय भूलो के कारण पुलिस महकमें को फजीहत में डाल चुका है। दरअसल में शराब विनिष्टीकरण को लेकर पारस विगहा एवं नगर थाने को जिन केसो का हवाला देकर शराब नष्ट करने का निर्देश दिया गया। थानाध्यक्ष से लेकर पुलिस अधिकारी भी हैरत में पड़ गये। दरअसल एसडीपीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव ने नगर थाना को कांड संख्या 61/174 एवं 405/15 समेत तीन केसो में शराब विनिष्टीकरण का निर्देश दिया गया।

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इसी प्रकार पारसविगहा को कांड संख्या 351/17 सहित अन्य मामलों में शराब विनिष्टीकरण का निर्देश दिया गया। एसडीपीओ कार्यालय से प्राप्त निर्देश पर संबंधित थाना के पदाधिकारियों ने माथा ठोक लिया। मसलन 61/174 संख्या का केस संभव हीं नहीं है। अगर 61/174 को लिपीकीय भूल मानते हुए 61/17 भी मान लिया जाए तो यह शराब से जुड़ा मामला नहीं था। इसी तरह 405/15 केस भी शराब से संबंधित नहीं है और यह केस भी मारपीट से संबंधित था। वहीं पारसविगहा थाना को कांड संख्या 351/17 के तहत शराब विनिष्टीकरण का आदेश भी समझ से परे है।

क्योंकि 29 दिसम्बर 2017 तक पारसविगहा थाने में कांड हीं अंकित नहीं हुए है। और समाचार लिखे जाने तक पारसविगहा थाने में अंकित कांडों की संख्या महज 220/17 है। ऐसे में 351/17 का एसडीपीओ का निर्देश पुलिस पदाधिकारियों को हैरत में डाल रहा है। इतना हीं नहीं गलत कांड का हवाला देकर अगले दिन उसे क्रियान्वित करने का आदेश पदाधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। यहाॅ बताते चले कि एसडीपीओं कार्यालय में पूर्व में भी हडबडी में कई गडबडियां की गयी। जिसे बाद में वरीय पदाधिकारियेां के संज्ञान में आने के बाद सुधारी गयी।