ऐश के हुए तेज

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पटना- राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बड़े बेटे एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव की पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती ऐश्वर्या राय की शादी में जहां एक और आधुनिकता देखने को मिल रही है वहीं परंपराओं का भी निर्वाह किया जा रहा है।

एक ओर देसी अंदाज की झलक दिख रही है तो एक ओर जहां आधुनिकता के दौर में संगीत कार्यक्रम का मिश्रण में हल्दी और मटकोर में भी पुरानी परंपराओं का निर्वाह किया गया। हल्दी के कार्यक्रम में जहां तेजप्रताप को बड़े बूढ़ों ने हल्दी चढ़ाई तो वहीं घर की महिलाओं द्वारा चुमावन भी किया गया और तेज प्रताप की मां एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने बेटे की कुंवरत उतारी। विवाह स्थल पर जयमाला कार्यक्रम समारोह में आधुनिक संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
इसके अलावा बड़ी संख्या में ढोल और नगाड़े का भी इंतजाम किया गया था।

लालू के नजदीकी भोला यादव ने कहा की लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के खास निर्देश हैं कि उन सभी परंपराओं का निर्वाह किया जाए जो पूर्वजों द्वारा किया जाता रहा है उनके ही निर्देश के अंतर्गत इस विवाह समारोह में पुरानी परंपराओं का निर्वाह किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शादी का शुभ लग्न 11:00 बजे रात से 3:00 बजे सुबह तक है, इस बीच विवाह के सभी रस्म संपन्न हो जानी चाहिए। इसके बाद सूर्योदय के पूर्व ऐश्वर्या अपने पिता के घर से विदा हो जाएगी और परंपरा के मुताबिक ऐश्वर्या डोली में बैठकर अपने पति के घर पहुंचेगी।

वेटरनरी कॉलेज कैंपस में तेज प्रताप और ऐश्वर्या ने जैसे ही एक दूसरे को वरमाला पहनाया पूरा वेटरनरी कॉलेज कैंपस तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और वहां उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

जयमाल स्टेज पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान केंद्रीय पूर्व मंत्री शरद यादव वर वधु को गुलदस्ता देकर आशीर्वाद दिया उनके अलावा राबड़ी देवी यादव मीसा भारती लालू प्रसाद यादव मौजूद रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने आवास से सीधे शादी समारोह स्थल वेटनरी कॉलेज पहुंचे उनके स्वागत में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद तेजस्वी यादव एवं अन्य लोग मौजूद थे आपको बता दे की डिप्टी सीएम सुशील मोदी इस शादी समारोह में भाग नहीं ले रहे हैं वह पोलैंड के यात्रा पर गए हुए हैं जहां उनको यूरोपियन कॉन्फ्रेंस में शिरकत करना हैं।