औरंगाबाद की खबरें

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समाहरणालय में बन रहा है पुलिस लाईब्रेरी

औरंगाबाद : पुलिस प्रशासन अपने गतिविधियों को लेकर समाज और जनता के बीच पूरी पारदर्शिता बरतने के अग्रसर हो चुकी है और जल्द ही समाहरणालय स्थित एक कमरे में लाईब्रेरी खोलने जा रही है जिसमें पुलिस लॉ एवं पुलिस मैनुअल से सम्बंधित पुस्तके लोगों को उपलब्ध होगी। इस आशय की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ सत्य प्रकाश ने बताया कि समाहरणालय के ही एक कमरे में जल्द ही पुलिस लाईब्रेरी का उद्घाटन किया जाएगा जिसमें आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी यहाँ बैठकर किसी भी काण्ड से सम्बंधित जानकारियाँ प्राप्त कर सकते हैं।

एसपी ने बताया कि किसी भी काण्ड में जो भी अनुसंधान किये जा रहे हैं उसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे उसकी भी जानकारी आम पब्लिक यहाँ आकर ले सकती है। यह लाईब्रेरी सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक खुली रहेगी और लोग यहाँ आकर और पुस्तकों को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं। इसके लिए शनिवार को पुलिस अधीक्षक ने उक्त कमरे का निरिक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिया। लाईब्रेरी के शुरू हो जाने के बाद आम लोग भी पुलिस के द्वरा किये किये जा रहे कार्यों एवं किसी काण्ड में की जा रही कारवाई से अवगत हो सकेंगे।

सरकार को आईना दिखायेगा सवर्ण क्रांति मोर्चा का अभियान

औरंगाबाद: सवर्ण क्रांति मोर्चा अनौपचारिक बैठक नबीनगर के शनिचर बाजार में किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तरीय जनसंपर्क अभियान नबीनगर प्रखंड के विभिन्न पंचायत में करने की योजना पर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक में उपस्थित प्रमुख सवर्ण प्रतिनिधियों के द्वारा फरवरी 22, 25, 27 एवं 28 को अनेक पंचायतों में जनसंपर्क करने की योजना पर विस्तार से चर्चा की गयी। सवर्ण क्रांति मोर्चा के द्वारा प्रत्येक गांव में जनसंपर्क कर सवर्ण प्रतिनिधियों को सवर्ण अधिकार आंदोलन से जोड़ा जाएगा और बिहार सरकार एवं विपक्ष के द्वारा लगातार की जा रही आरक्षण से संबंधित घोषणाओं के बारे में सवर्ण प्रतिनिधियों को अवगत कराया जाएगा।

आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए बिना किसी विरोध के प्रत्येक सवर्ण प्रतिनिधि को इस अधिकार आंदोलन से जुड़ने और जोड़ने की अपील किया जाएगा। जनसंपर्क के दौरान सवर्ण अधिकार आंदोलन के प्रारूप को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी तथा आगामी 1 अप्रैल को गेट स्कूल ग्राउंड में प्रातः 9 बजे से होने वाले राज्यस्तरीय अधिवेशन में जन जन को जोड़ने का संकल्प दोहराया जाएगा। आज के बैठक में नरेंद्र सिंह, अवधेश सिंह, विपिन अग्रवाल, संजय सिंह, गुड्डू सिंह, मिंकू सिंह, धनजीत सिंह, संजीव सिंह, विनोद सिंह इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

शराबबंदी से बिहार में होने वाले सकरात्मक प्रभावों को दर्शाती फिल्म है “एक अप्रैल- एल्कोहल फ्रीडम डे ऑफ बिहार”

औरंगाबाद : बिहार में शराबबंदी के समर्थन में बनी फ़िल्म “एक अप्रैल- एल्कोहल फ्रीडम डे ऑफ बिहार” धर्मवीर फ़िल्म एंड टीवी प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल पर पूरी फिल्म रिलीज कर दी गई है। फ़िल्म के निर्माता विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ आनंद प्रकाश ने बताया कि इस तैतीस मिनट ग्यारह सेकेंड की फ़िल्म की कहानी शराब से पीड़ित एक परिवार की कहानी है। शराबी पति की प्रताड़ना की वजह से उसकी पत्नी की मृत्यु हो जाती है। शराबी के बच्चे जैसे तैसे अपना पेट पालते है। शराबी का बेटा कलुआ अपने मित्र अंश पल्लव के साथ योजना बनाकर वैचारिक क्रांति के अंतर्गत शराब से होनेवाली नुकसान से संबंधित दीवार लेखन, सदवाक्य स्टिकर और पोस्टर का प्रयोग कर घर में ही ‘शराब मुक्त हो मेरा घर’ का आंदोलन छेड़ देता है।

कुछ समय के बाद शराबी पिता को अपनी ग़लती का एहसास होता है, साथ में घोर आत्मग्लानि भी। पिता की शराब पीने की लत छूट जाती है। घर में सभ्य पारिवारिक माहौल बनाने में कलुआ सफल हो जाता है। अंतराष्ट्रीय और राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में विजेता रह चुके, इस फ़िल्म के लेखक एवं निर्देशक धर्मवीर भारती ने बताया कि यह फ़िल्म सीमित संसाधन एवं फ़िल्मनगरी मुम्बई के बिना सहयोग लिए बनाई गई है। सारा प्रोडक्शन लोकल है। फ़िल्म के सभी कलाकार नए और स्थानीय हैं। मगध को डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाने वाले फ़िल्म मेकर धर्मवीर भारती ने बताया कि मगध क्षेत्र में की गई, नई और अनोखी प्रयोग है। फ़िल्म को ड्रामा और डाक्यूमेंट्स के साथ दर्शाया गया है। कह सकते हैं कि यह फ़िल्म परिकल्पना एवं साक्ष्य आँकड़ो का एकीकरण है। जो शराब बंदी से बिहार में होने वाले सकरात्मक प्रभावों को दर्शाती है। फ़िल्म के अंत में राजनेताओं, पदाधिकारियों, पत्रकारों बुद्धिजीवियों का पूर्ण शराबबंदी से बिहार में बदलाव का सकारात्मक बयान और प्लान भी है।

इस फ़िल्म के निर्माता हैं ” विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स दाउदनगर और धर्मवीर फ़िल्म एंड टीवी प्रोडक्शनस। फ़िल्म में मुख्य कलाकारों के रूप में विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स के छात्र अंश पल्लव, अमन, नेहा, उमंग, ख़ुशी एवं दाउदनगर के स्थानीय कलाकार संजय तेजस्वी , बसंत कुमार मालाकार, मो.ख़लील माली, ग़ुलाम रहबर हैं। फ़िल्म प्रोडक्शन टीम में एसोसिएट डायरेक्टर डॉली, कैमरामैन रणवीर कुमार, एडिटर आनंद प्रकाश, पप्पू कुमार, संकेत सिंह, दीपा रानी, मधु रानी, संदीप सिंह हैं। फ़िल्म में संगीत दिया है, अंजन सिंह, अनूप सिन्हा, संजय , मुन्नी, मधु और गोविंदा राज ने।इस फ़िल्म के ग्राफ़िक्स डिज़ायनर विशाल रॉय हैं।

दर्दनाक सड़क हादसे में पति पत्नी की मौत

औरंगाबाद : मदनपुर थाना क्षेत्र के शिवगंज रफीगंज रोड में तेलडीहा गांव और मुरलीगंज मोड़ के समीप ट्रक और बाईक की टक्कर में बाईक सवार शिक्षिका और उसके पति की मौत हो गयी मृतक की पहचान रुजा कुमारी और अवधेश कुमार पाल के रूप में हुई है।बताया जा है कि मृतक अपनी शिक्षिका पत्नी को लेकर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षण संस्थान के तत्वाधान में मदनपुर के अनुग्रह उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे डीएलएड की ट्रेनिंग के लिए जा रहे थे और शिवगंज पहुँचने से पूर्व ही हादसे का शिकार हो गए। मृतक गया जिले के कोच थाना क्षेत्र के सिंदुरिया गांव के रहने वाले बताए जाते हैं।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेज दिया है। मृतक दम्पति गोह में अपने बच्चों के साथ रहा करते थे और शनिवार की सुबह आठ बजे के करीब ट्रेनिंग के लिए अपनी बाईक से निकले थे। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सुचना देकर औरंगाबाद बुलाया और पोस्टमार्टम कराकर डेड बडी को सौप दिया है। सड़क हादसे के दौरान मिलने वाली मुआवजा राशि के सन्दर्भ में कोच प्रखंड के सीओ को लिखा गया है।

हैवानियत की सीमा लांघ पति ने पत्नी के काट डाले होंठ

मदनपुर : यह जमाना भी अजीब है। यहाँ तरह-तरह के लोग रहते हैं। कुछ ऐसे लोग भी इस ज़माने में हैं जो हैवानियत की सारी हदें पार कर देते हैं। एक तरफ जहाँ सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य कर रही है वहीं दूसरी तरफ नारियों पर शोषण करने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। एक मामला प्रकाश में आया है जिसमे एक हैवान पति ने हैवानियत की सारी सीमाएं लांघकर अपनी पत्नी को बद से बदसूरत बना दिया। मामला सलैया थाना क्षेत्र के चेंई आजाद नगर का है।

सविता देवी (25वर्ष) जिसका ससुराल मदनपुर थाना क्षेत्र के जुड़ाही गाँव में है। उसका पति शंकर रिकियासन हमेशा उसके साथ मारपीट किया करता था। सविता देवी अपनी पति के हैवानियत से तंग आकर चेई आजाद नगर में अपने रिस्तेदार के घर रहकर मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने लगी। शनिवार की सुबह पति शंकर रिकियासन अपने पत्नी के पास आया।

पत्नी मजदूरी कर अपने रिस्तेदार के घर लौट रही थी। उसी दौरान उसने अपनी पत्नी को सबके सामने पीटने लगा और अपने दांतो से पत्नी का होठ इस तरह काट डाला कि, पूरा होठ का एक हिस्सा अलग हो गया। उसके मुंह से खून की धारा बहने लगी। इसे देख स्थानीय लोगों ने उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर ले आये जहाँ पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसकी सूचना सलैया थाना को मिलते ही हैवान पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। सलैया थानाध्यक्ष दिलीप मांझी ने बताया कि,यह दर्दनाक घटना है। पति को गिरफ्तार कर प्राथमिकी दर्ज की गयी है और उसके बाद जेल भेज दिया गया है।

देश के पैतीस जिलों में शामिल हुआ औरंगाबाद

औरंगाबाद : जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अब विकास की गंगा बहेगी और भटकाव का शिकार हुए युवा मुख्यधारा में लौटेंगे। यह बात एसपी डॉ सत्यप्रकाश ने दी है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय स्पोंसर स्कीम के तहत स्पेशल सेन्ट्रल असिस्टेंस की विशेष टीम औरंगाबाद पहुंची और उनके साथ जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को उन्नत एवं विकसित करने की योजना पर बाते हुई और एक आगे की कार्रवाई के लिए एक खाका तैयार किया गया।

एसपी ने बताया की इस योजना के तहत भारत के कुल पैतीस जिलों मे औरंगाबाद का भी चयन हुआ है। अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पानी , बिजली, सड़क, विद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण होगा और वहां के लोगों को वे सारी सुविधा मुहैया कराई जायेगी जो किसी भी शहरी क्षेत्र के लोगों को प्राप्त होती है। एसपी ने बताया कि मदनपुर प्रखंड के अति नक्सल प्रभावित इलाका पचरुखिया एवं लंगुराही को विकसित करने के लिए विशेष कार्य योजना बने गयी है जिसके तहत गांवों को जोड़ने के लिए वहां संपर्क पथ बनाये जायेंगे।

इसके लिए वन विभाग से नो ओब्जेक्शन लिया जा रहा है। दोनों गांवों में संपर्क थ के बन जाने से पुलिस की गतिविधियाँ बढ़ जायेंगी और सुदूर क्षेत्र का लाभ लेने में जो नक्सली कामयाब हो जाते थे उन्हें अब भागने को मजबूर होना पड़ेगा। एसपी ने बताया की इन ग्रामीणों के साथ जल्द ही बैठक कर उनके जरूरत की सारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी ताकि विकसित देश के सात वहां के ग्रामीण भी अपने कदम को बढ़ा कर एक स्वच्छ समाज की स्थापना कर सकें।