कंस मरा नहीं

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कैमूर- मामा ने चंद पैसे के लालच में आकर अपनी 10 वर्षिय एकलौते मासूम भांजे को स्कूल से बहला फुसलाकर पहाड़ी क्षेत्र ले गया और वहां अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही भांजे का गला दबा कर दी हत्या और शव को पहाड़ी के एक गुफा के अंदर छुपा दिया। ताकि किसी को तौफीक के डेड बॉडी का पता न चल सके। फिर उसके अपहरण का ड्रामा रच कर तौफीक के पिता से फिरौती के रूप में चार लाख रुपया लेने का प्लान बनाया था। इस पैसे से अपराधी मामा भगवानपुर के पहाड़ी इलाके में जमीन खरीदने वाला था।

तौफीक माँ-बाप का इकलौता संतान था। तौफीक के पिता सऊदी अरब में दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने और तौफीक को बड़ा आदमी बनाने के लिये सऊदी में काम करते हैं। घटना के समय तौफीक अपनी मां के साथ अकेले था, उसके पिता सऊदी अरब थे। कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड के नुआंव गांव में रहकर तौफीक पांचवी क्लास में पढ़ता था। तौफीक अपने माँ-बाप का इकलौता संतान था। तौफीक 16 मार्च को प्रतिदिन की भांति पढ़ने के लिए अपने विद्यालय के लिए गया था। तभी विद्यालय में मामा पहुँचा और तौफीक को बहला-फुसलाकर अपने साथ भभुआ शहर घुमाने के लिए भगवानपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाके में ले गया और साथ में मामा अपने एक दोस्त को भी बुला लिया, दोनों लोग तौफीक को पहाड़ी के पास ले गए और मासूम तौफीक को 16 मार्च को ही सुनसान जगह देख गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दिया और भांजे के लाश को पहाड़ी के गुफा के अंदर छुपा कर गुफा के मुंह को पत्थर से बंद कर दिया। ताकि उसके शव का पता न चल सके।

जब परिवार वाले स्कूल का समय बीतने के बाद तौफीक की खोज करने लगे तो उसके सहपाठियों ने बताया तौफीक अपने मामा के साथ विद्यालय से निकलकर जा रहा था, जिसे हमलोगों ने देखा है। आरोपी मामा से जब पूछताछ परिवार ने किया तो वह इस बात को स्वीकार नही किया और उसने बताया कि तौफीक को हमने नहीं देखा है ना ही वह मेरे साथ है। फिर ग्रामीणों ने आरोपी मामा को पकड़कर दुर्गावती पुलिस के हवाले किया, जहां मोहनियां डीएसपी मनोज राम ने आरोपी मामा से पूछताछ किया तो पहले आरोपी ने पुलिस को भी चकमा देने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस के तेवर देख वह नरम पड़ा और अपने सारे जुर्म कबूल कर लिया।

मामा ने उसके पिता से चार लाख रुपया फिरौती मांगने का प्लान किया था। जिसके बाद पुलिस आरोपी मामा को हिरासत में लेकर उसके सहपाठी को भी अरेस्ट कर लिया और जहां तौफीक का शव छुपाया गया था, वहां आरोपियों को ले जाकर उसके शव को निकलवाया। मासूम के शव का पोस्टमार्टम करा पुलिस परिवार वालों को शव को सौंप दिया। वहीं दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जब यह पूरा घटना हुआ तो तौफीक के पिता सऊदी अरब में थे, उनके घर पहुंचने से पहले ही तौफीक को ग्रामीणों और परिवार के सहयोगीयों ने मिलकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

पिता ने बताया तौफीक मेरा इकलौता पुत्र था। मैं तौफीक को बड़ा आदमी बनाने के लिए अपने देश से बाहर सऊदी अरब जाकर कड़ी मेहनत करके दो चार पैसे जमा कर रहा था की तौफीक को आगे पढ़ाकर कुछ बना सकूं। लेकिन मेरे सपनों के संसार को ही रिश्ते में लगने वाले उसी के मामा ने उजाड़ दिया। अब मैं उस क्रूर व्यक्ति के फांसी की सजा की मांग करता हूं। ताकि और किसी का परिवार मेरी तरह उजड़ ना सके।