कब होंगी बेटियां सुरक्षित?

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दिलीप कुमार

कैमूर – जिले में बेटियां सुरक्षित नहीं रह गई है। प्रधानमंत्री का सपना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैमूर में अधूरा होता दिख रहा है। कैमूर में मनचले इस तरह हावी हैं जिससे बेटियों का जीना दुश्वार कर दिया है। रास्ते हो या विद्यालय हर जगह मनचले बेटियों को छेड़ते रहते हैं। ना तो उन्हें प्रशासन का खौफ दिखता है और ना ही समाज का डर।

कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड स्थित इंटर स्तरीय विद्यालय करणपुरा में विद्यालय के प्रांगण में घुसकर मनचला लड़कियों के साथ सरेआम छेड़खानी करते हैं। अगर कोई लड़की या शिक्षक विरोध करते हैं तो उन्हें भी धमकाने लगते हैं। जिस कारण लड़कियां खौफ में पढ़ने को मजबूर है। इस विद्यालय में 14 सौ बच्चे और बच्चियों का नामांकन है। लेकिन जब भी बच्चियां ग्राउंड में खेलती है तो मनचले विद्यालय का मुख्य द्वार बंद होने के बाद भी विद्यालय की चारदीवारी को फाँद कर विद्यालय में घुस जाते हैं और लड़कियों के साथ छेड़खानी करने लगते हैं। जिसका शिकायत विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने थाना प्रभारी दुर्गावती को लिखित रुप से किया है।

सूचना मिलते ही दुर्गावती थाना प्रभारी उदय भान सिंह विद्यालय पहुंचे और वहां विद्यालय के एचएम और बच्चियों से पूछताछ की और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने की बातें भी कहीं।

थाने में दिया आवेदन में प्रधानाध्यापक ने लिखा है कि आरोपी युवक दुर्गावती प्रखंड के करणपुरा गांव के रहने वाला है। लोकल होने के कारण वह हम लोगों की बातों को नहीं मानता है और विद्यालय में आकर बच्चियों से छेड़खानी करने का प्रयास करता रहता है। हमें थाना प्रभारी ने बताया विद्यालय परिसर के पास विद्यालय अवधि में दो बार पुलिस गश्ती करेगी जो भी आरोपी है पहचान की जा चुकी है बहुत जल्द गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।

लेकिन यह कोई नया मामला नहीं है इसके पहले भी कैमूर में दो बार मनचलों ने लड़कियों के साथ छेड़खानी कर वीडियो तक वायरल किया। उसके बाद कुदरा के फकराबाद में भी विद्यालय परिसर में घुसकर एक बच्ची के साथ मनचले ने पहले छेड़खानी किया फिर उसे जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर ले जाने का प्रयास भी किया। जहां शिक्षकों की दिलेरी ने थाने को सूचना कर उसे सलाखों के पीछे डलवा दिया।

फिर एक बार दुर्गावती के इंटरस्तरीय विद्यालय करणपूरा में विद्यालय परिसर में घुसकर बच्चियों के साथ छेड़खानी का मामला उजागर हुआ है। सबसे बड़ा सवाल है कि मनचले बेखौफ होकर इस कदर क्यों घूम रहे हैं। जहां उनके जेहन से प्रशासन का खौफ खत्म हो गया है। अगर ऐसे हालात रहे तो फिर कैसे सुरक्षित रह पाएंगी बेटियां। यही सवाल आज करणपुरा विद्यालय के सभी बच्चियों और उनके माता-पिता के जेहन में कौंध रहा है।