कानपुर रेल हादसे में बूढी मां की छड़ी ने बचाई सात लोगों की जान

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पटना: कानपुर के पास हुए इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में एक बूढी मां की छड़ी ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के एक परिवार के सात सदस्यों की जान बचाई। मुजफ्फरपुर के व्यवसायी मनोज चौरसिया का परिवार इंदौर सें उक्त ट्रेन की एक बोगी में सवार होकर पटना आ रहा था। चौरसिया ने बताया कि उक्त ट्रेन हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बोगी में फंस जाने पर हमने दुर्घटना के एक घंटे बाद अपनी मां की छड़ी से बोगी की खिड़की का शीशा तोड़ा और बोगी से बाहर आ पाए। मां की छड़ी ने पूरे परिवार की जान बचा ली।

चौरसिया की बूढ़ी मां दहशत के कारण कुछ भी नहीं बोल सकीं। वह उक्त जान बचाने वाली छड़ी की मदद से चलती रही हैं। उक्त बोगी में उनके साथ सफर कर रही चौरसिया की पत्नी नंदनी ने बताया कि कोच के एटेंडेंट और कुछ अन्य यात्रियों की बोगी के भीतर ही मौत हो गयी और बचाव दल के वहां पहुंचने से पहले वे सब खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकल गए। उन्होंने कहा कि मौत उन्हें छू कर निकल गयी। इस हादसे के बाद चौरसिया का परिवार भी विशेष ट्रेन के जरिए आज पटना जंक्शन पहुंचा।

हादसा पीड़ित यात्रियों को लेकर विशेष ट्रेन जिस समय यहां पहुंची उस समय जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल स्वयं पटना जंक्शन पर मौजूद थे और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे थे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस हादसे में पीड़ित यात्रियों के पटना जंक्शन पहुंचने पर वहां मौजूद चिकित्सकों के दल ने लोगों की जांच की और उन्हें तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। जिला प्रशासन ने हादसे में सकुशल बचे विशेष ट्रेन से पहुंचे अन्य यात्रियों को पटना जंक्शन से उनके पैतक जिला मधुबनी, सारण, मुजफ्फरपुर और अन्य स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की।