काले अंग्रेजों द्वारा देश विरोधी कानून है बाबा साहब के संविधान पर हमला : अनिल कुमार

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पटना : सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ स्थित ईशोपुर और छोटी खगौल में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना को समर्थन देते हुए सत्ताधारी दलों को जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अनिल कुमार ने काला अंग्रेज बताया। उन्‍होंने केंद्र सरकार पर दोनों सभाओं में जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर काला कानून है, जो बाबा साहब के संविधान पर हमला है। हम भारत के संविधान पर हमले को खिलवाड़ बर्दाश्‍त नहीं करेंगे। उन्‍होंने इस काले कानून के खिलाफ शाहीनबाग से शुरू हुए आंदोलन को सैल्‍यूट किया और कहा कि महिलाओं ने जब आगे बढ़कर मोर्चा संभाला है, तो हर बार इतिहास बना है। केंद्र की मोदी सरकार को यह काला कानून लेना ही होगा।

उन्‍होंने कहा कि काला कानून सीएए, एनआरसी और एनपीआर तो एक बहाना है। यह देश उस दो राहे पर खड़ा है, जहां यह तय करना होगा कि देश संविधान और महात्‍मा गांधी की विचारधारा से चलेगा, या फिर काले अंग्रेजों के नागपुरिया कानून और गोडसे की विचारधारा से। गोरे अंग्रेजों से आजादी के बाद बाबा साहब, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू जैसे महापुरूषों ने इस देश का महान संविधान रचा, जो सर्वधर्म समभाव के तर्ज पर धर्मनिरपेक्ष है। मगर काले अंग्रेज उलूल जुलूल कानून बना कर देश में धर्मनिरपेक्षता को खत्‍म करने में लगे हैं और हिंदू – मुसलमान कर आपस में लड़ाने में लगे हैं। लेकिन हम देश और संविधान पसंद लोगों को सतर्क रहकर धैर्यपूर्वक इनसे मजबूती के साथ लड़ना पड़ेगा। इस लड़ाई में हम साथ है।

उन्‍होंने कहा कि हम होली, दिवाली, ईद, बकरीद साथ मनाने वाले लोग हैं। हम इस सदभाव को खत्‍म होने नहीं दे सकते। उन्‍होंने कहा कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ लड़ाई सिर्फ मुसलमानों का नहीं है। यह लड़ाई संविधान मानने वाले सभी हिंदुस्‍तानियों का है, जो आज देश की हालत को लेकर चिंतित हैं। उन्‍होंने कहा कि देश में नफरत बांटने वाले लोगों को जब दिल्‍ली की जनता ने नकार दिया, तब वे बौखलाहट में अपने स्‍वभाव के अनुरूप दंगे कराने पर उतर आये। ये दंगाई विरोध के हर स्‍वर को दबाना चहते हैं और जो उनके खिलाफ बोलता है, उस पर देशद्रोह का मुकदमा कर रहे हैं। लेकिन हम डरेंगे नहीं और न्‍याय व सच्‍चाई के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।