किडनी प्रकरण में जन अधिकार पार्टी का डॉक्टर की क्लीनिक पर तोड़फोड़

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पटना: पटना में पथरी के इलाज के दौरान किडनी निकालने के मामले को तूल देते हुए जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को डॉक्टर प्रमोद कुमार झा की क्लीनिक पर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ किया। इस तोड़फोड़ में क्लीनिक को भारी क्षति पहुंची है। जिस मरीज की किडनी निकाली गई है वह पप्पु यादव के कार्यक्षत्र सहरसा से है।

जन अधिकारी पार्टी के महासचिव एजाज अहमद ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पटना में बरारी के मो. रफीक का किड़नी निकाल कर डॉक्टर ने जिस तरह लूट किया है यह मिसाल है बिहार में स्वास्थ्य गिरने की। बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खामोश है। डॉक्टर ने मानवता को शर्मसार किया है इससे पूरा बिहार शर्मसार हुआ है। सराकर अगर इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती है तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगे।

गौरतलब है कि सहरसा जिले के बरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत कसैरिया गांव निवासी 35 वर्षीय मो. रफीक को काफी दिनों से पेट में दर्द था। गांव के डॉक्टर से परामर्श लिया तो किडनी में पथरी की शिकायत मिली। ऑपरेशन से स्टोन निकलवाने के लिए वह 20 मई को केबी सर्जिकल अस्पताल में भर्ती हुआ। इसके बाद डॉ.प्रमोद कुमार झा ने उसका ऑपरेशन किया था।

ऑपरेशन के बाद भी रफीक के पेट का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा था। उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। 26 मई को उसकी तबीयत काफी खराब हो गई इसके बाद डॉ.झा ने उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया।

परिजनों ने विचार-विमर्श करने के बाद रफीक को राजाबाजार के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां किडनी निकाले जाने की जानकारी हुई। रफीक के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बिना बताए किडनी निकाल ली तथा दर्द बढ़ने का बावजूद उनसे बात छुपाई।

वहीं डॉक्टर का कहना है कि मरीज की किडनी नहीं निकाली जाती तो उसकी जान जा सकत थी। उन्होंने अपने स्तर से कोई गलती नहीं की है। मरीज कि किडनी अब भी उसके अस्पताल में है। कोई देखना चाहे तो देख ले।