किनके इशारे पर महादलितों को मिलने वाली सुविधाओं से वंचित कर दिया गया – चितरंजन गगन

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पटना – राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा है कि राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए कि किनके दबाव में अथवा किनके कहने पर एस.सी/एस.टी. को महादलितों को मिलने वाली सुविधाओं से वंचित कर दिया गया था और आज कौन सी स्थिति आ गई कि उसे अपने पहले के फैसले को बदलना पड़ा। यदि उसके पहले का निर्णय गलत था तो उनके गलत निर्णय के कारण एस.सी/एस.टी. के एक वर्ग को जो क्षति हुई उसके लिए कौन जिम्मेवार है और उसकी भरपाई कौन करेगा।

राजद नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अम्बेदकर जयन्ती के अवसर पर घोषणा की गई है कि एस.सी/एस.टी को घर बनाने के लिये वास भूमि उपलब्ध कराई जायेगी। इसके बारे में भी सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए, लालू के मुख्यमंत्रित्व काल में उठाये गये इस कदम को एनडीए की सरकार बनने पर किसके इशारे पर शिथिल कर दिया गया था।

उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि लालू प्रसाद जब मुख्यमंत्री बने तो उन्होने भूमिहीन एस.सी/एस.टी. को वासभूमि के लिए चार-चार डिसमिल जमीन देने का निर्णय लागू किया और जबतक बिहार में राजद की सरकार रही तो यह लागू रहा। बिहार में जब एनडीए की सरकार बनी तो वासभूमि के लिए पहले चार डिसमिल की सीमा को घटा कर दो डिसमिल कर दिया गया और बाद में तो उसे शिथिल हीं कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि राजद शासनकाल में दलितों, महादलितों, पीछड़ों, अतिपिछड़ों एवं अकलियत वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए जो योजनाएं चलाई गई थी। एनडीए की सरकार द्वारा उनमें या तो कटौती कर दी गई या शिथिल कर दिया गया था। आज पर के नीचे की मिट्टी खिसकती देख उन्हीं योजनाओं की पुनः घोषणा की जा रही है।