किसानों के धान पर संकट

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लखीसराय- जिले के आबादी का 90 फीसदी लोग कृषि पर निर्भर रह कर जीविका चलाते आ रहे हैं। ऐसे में किसानों द्वारा बोई गई धान के फसलों पर शुरूआती दौर से ही संकट साया चल रहा है। बोआई के समय मंहगा खाद-बीज का जिल्लत झेलना पड़ा। धान का बिचड़ा तैयार करने में बीमारियों का मार पड़ा, उससे निपटने के बाद रोपनी के समय सिंचाई का सितम उठाना पड़ा। किसानों का कहना है कि कई संकट झेलकर धान को फूटने के कगार तक लाया।

अब आकाशी वर्षा के आभाव में धान के खेतों में दरार आ रहा है। निजी नलकूपों से मंहगी पानी देकर किसान थक चुके हैं। फसलों पर आ रहे संकट से किसान मायूस हो रहे हैं। सामने दीवाली व छठ का त्योहार आन पड़ी है। फसलों के सेहत व अच्छी उपज देखकर किसानों में दीवाली पर्व के प्रति उत्साह होता। अब किसानों को लग रहा है कि धान का फसल कैसा होगा। इस महीने में कई त्योहारों से निपटने की भी समस्या है। सभी खर्चों का सारा भार खेती के आमद पर ही पड़ना है। एक ही बात दिमाग में कौंध रहा है कि इस बार “कैसे कटेगी दीवाली” ! 06 Oct LKR Photo 1