किसानों को सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड शिविर का किया गया आयोजन

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राज्य के किसानों को कृषि कार्य हेतु आसानी से कृषि ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार के सभी 534 प्रखंडों में किसान क्रेडिट कार्ड शिविर का आयोजन किया गया। प्रखंडों में आयोजित इन शिविरों में कृषि विभाग के मुख्यालय से लेकर जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर तक के पदाधिकारी मौजूद रहे। पटना जिला के मसौढ़ी प्रखंड के ई-किसान भवन में कृषि मंत्री द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड शिविर का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मसौढ़ी प्रखंड के लगभग 500 महिला एवं पुरूष किसानों ने भाग लिया।

कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से सभी 534 प्रखंडों में किसान क्रेडिट कार्ड शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रखंडों के कार्य क्षेत्र से संबंधित बैंक के पदाधिकारी, अंचल के पदाधिकारी, राजस्व कर्मचारी तथा कृषि विभाग के कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार उपस्थित रहे। इस शिविर में किसानों से नये ऋण के लिए निर्धारित प्रपत्र में किसानों से आवेदन लिया गया। शिविर में फसल ऋण, कृषि यंत्रों पर ऋण/किसान क्रेडिट कार्ड तथा डेयरी, मुर्गीपालन, बकरीपालन, मत्स्यपालन आदि के लिए किसानों को ऋण उपलब्ध कराया गया। मंत्री ने कहा कि आगे से प्रत्येक माह के 15 तारीख को इसी प्रकार सभी प्रखंडों में ज्ञब्ब् कैम्प का आयोजन किया जायेगा। ज्ञब्ब् के अन्तर्गत एक लाख रुपये तक के लिए किसानों को अपने आवेदन के साथ आवासीय प्रमाण-पत्र तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष का राजस्व रसीद तथा शपथ-पत्र देना होगा, जबकि एक लाख से ऊपर के ऋण के लिए किसानों को वर्तमान वित्तीय वर्ष का भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होता है।

मंत्री ने इस अवसर पर मसौढ़ी प्रखंड में पायलट बेसिस पर ई-कियोस्क का उद्घाटन करते हुए कहा कि ई-कियोस्क कृषि विभाग एवं यू॰के॰ एड बागरी के तकनीकी सहयोग से किसानों को कृषि से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियाँ टच स्क्रीन के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु ई-किसान भवन में लगाया गया है। इस कियोस्क के माध्यम से किसानों को खाद्यान्न एवं बागवानी फसलों के उत्पादन तकनीक के विभिन्न चरणों का विडियो, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी, मौसम की जानकारी, महत्त्वपूर्ण संदेश तथा बाजार भाव आदि एक साथ एक ही जगह किसानों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही किसानों को ई-कियोस्क के माध्यम से पौधा संरक्षण संबंधित सभी सुझाव एवं जानकारियाँ सदृश उपलब्ध कराये गये हैं। इस ई-कियोस्क के बारे में किसानों के विचार लेने के लिए आॅनलाईन तथा विहित प्रपत्र में सूचनाएँ प्राप्त की जा रही है, ताकि किसानों के हित में आगे सभी ई-किसान भवनों में इस तरह के कियोस्क लगाने पर सरकार निर्णय ले सके।