किसानों को सिंचाई हेतु डीजल अनुदान देने के लिए जितनी राशि की जरूरत होगी, उसे सरकार उपलब्ध करायेगी – डाॅ॰ प्रेम कुमार

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पटना – कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि खरीफ, 2018 में अनियमित मानसून के मद्देनजर किसानों को सिंचाई के लिए डीजल अनुदान देने का प्रावधान किया गया। पूर्व के वर्षों में किसानों को मिलने वाले डीजल अनुदान में हुए विलंब को देखते हुए सरकार द्वारा इस वर्ष आॅनलाईन समयबद्ध अनुदान भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। अब तक राज्य के 7,99,449 किसानों द्वारा डीजल अनुदान के लिए आवेदन किया गया है, जिनमें से 4,32,873 किसानों के बीच 44.80 करोड़ रूपये डीजल अनुदान वितरित किया गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई हेतु डीजल अनुदान देने के लिए जितनी राशि की जरूरत होगी, उसे सरकार उपलब्ध करायेगी। अगले वित्तीय वर्ष से किसानों को सुगमतापूर्वक एवं कम समय में अनुदान भुगतान हेतु उनका निबंधन कराया जा रहा है। किसानों के निबंधन हो जाने से उन्हें डीजल अनुदान सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत दिये जाने वाले अनुदान का भी लाभ मिल पायेगा। अब तक कृषि विभाग के वेबसाईट पर राज्य के 21,17,425 किसान भाई-बहनों ने अपना आॅनलाईन पंजीकरण कराया है। आवेदन देने का सिलसिला प्रतिपल अनवरत जारी है।

मंत्री ने कहा कि अब आवेदन करने के मात्र 25 दिनों के अन्दर ही किसानों को डीजल अनुदान दिया जा रहा है। पूर्व के वर्षों में डीजल अनुदान की प्रक्रिया जटिल रहने के कारण किसानों को अनुदान भुगतान में विलम्ब हो जाता था। किसान भाइयों एवं बहनों के इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा डीजल अनुदान के लिए आवेदन देने से लेकर अनुदान वितरण तक की प्रक्रिया को पूर्णतः आॅनलाईन किया गया है। डाॅ॰ कुमार ने कहा कि खरीफ एवं रबी फसलों के एक सिंचाई के लिए 50 रू॰ प्रति लीटर की दर से 500 रू॰ प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। खरीफ में यह अनुदान धान बिचड़ा, जूट फसल के लिए दो सिंचाई के लिए 1,000 रू॰ तथा धान की रोपनी करने तथा धान की खड़ी फसल, मक्का, खरीफ फसलों के अन्तर्गत दलहनी, तेलहनी, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की तीन सिंचाई के लिए अधिकत्तम 1,500 रू॰ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता किसान भाई-बहनों के लिए हरसंभव सहायता करने हेतु कृतसंकल्पित है।