कुछेक सिनेमा को छोड़ कर थर्ड जेंडर मजाक का ही विषय रहा है: रेशमा

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भारतीय सिनेमा में ट्रांसजेंडर की स्थिति मजाकिया पहचान स्टीरियो टाइप पुरुष, डरावनी पहचान, अस्वीकार्यता की परछाई लिए हुए ही रही है| बहुत सारी फिल्मों में संगीत के साथ उसकी पहचान भी बहुत ही भद्दी है| लेकिन  फिल्में अच्छी भी बनी है| जिनमें महेश भट्ट द्वारा निर्देशित तमन्ना फिल्म का नाम सबसे ऊपर लिया जा सकता है | तमन्ना एक जीवन्त कथा कहती है| तमन्ना सन 1975 मुंबई माहिम में घटित एक घटना पर आधारित है| उक्त बातें बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड के फिल्म क्लब द्वारा आयोजित सिने संवाद के श्रृंखला के तीसरी कड़ी का विषय “भारतीय सिनेमा में थर्डजेंडर” विषय पर बोल रही थी| उन्होंने यह भी कहा कि हिजरा समाज के सांस्कृतिक पहचान के साथ नहीं जुड़ा हुआ है वह एक मेकअप आर्टिस्ट है परंतु समाज की परेशानियों को लेकर वह अपनी जिंदगी को नियमित पहचान को  सामने नहीं रखता है।

क्योंकि उसकी पहचान लगातार समानांतर तरीके से जो फिल्मी हिजरा पहचान है उससे कहीं ना कहीं प्रभावित होती है।  आज कल बहु प्रसारित कपिल शर्मा का हास्य धारावाहिक भी इस समुदाई को अपमानित करते नज़र आता है| वहीँ सुमन मित्रा ने कहा की कला से हमारा रिश्ता बपचन से ही जुड़ जाता है, बावजूद उसके हम कलाकार कम हिजड़ा ज्यादा कहलाते हैं| सोहार, बधाई से हम लोगों के घर गुलजार होने की कामना करते हैं, लेकिन समाज हमें अपनाने से हिचकते हैं और सरकार पहचान देने से| लेकिन हाल ही में बिहार के कला संस्कृति विभाग ने किन्नर महोत्सव करवा कर हमारा हौसला बढ़ाया है| आज फिल्म निगम ने हमें सम्मान दिया है, इस तरह मैं उम्मीद कर सकती हूँ कि सरकार हमारे  प्रति भी संवेदनशील है| युवा फिल्मकार एवं क्लब के संयोजक रविराज पटेल ने कहा की मैं आपके समुदाय के साथ फिल्म कार्यशाला करूँगा| ताकि वे भी तकनीकी समझ के साथ बिहार के सिनेमा का हिस्सा हो सकें| मौके पर वरिष्ठ चित्रकार श्याम शर्मा ने कहा कि फिल्म निगम का फिल्म क्लब का यह पहल स्वागत योग्य है| गतिविधियाँ लगातार सक्रीय है| ऐसा लगता है कि मेरा बिहार भी बहुत जल्द सिनेमाई संसार में भी समृद्ध होगा|  गोष्ठी अध्यक्षता फिल्म क्लब एवं सिनेयात्रा के अध्यक्ष आर. एन दास ने किया| जबकि  पद्मश्री सम्मान से सम्मानित संगीत  मर्मज्ञ गजेन्द्र नारायण सिंह,  वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन कुमार, शैलेश जैमियार, आर. नरेद्र, चित्रकार मनोज बच्चन सहित किन्नर समाज के लगभग दो दर्जन लोग मौजूद थे |