कुरमा गाँव के युवाओ की कारीगरी की चमक विदेश में

182
0
SHARE

बांका- जिले के धौरैया प्रखंड के कुरमा गाँव के युवाओ की कारीगरी की चमक विदेश में दिख रहा है, लेकिन बिहार में इनकी कारीगरी को देखने वाला कोई नहीं इन गाँव के युवाओं ने आठ दस बषोँ से विदेशी कंपनी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, रुस ब्रिटेन, जापान आदि देशो के निजी सुरक्षा गार्ड का बेच तैयार करते है। हालांकि सैकड़ों युवा इन कारीगरी में लगे है, इनको सिर्फ मजदूरी मिलती है बहुत कम। किसी तरह कर रहे है गुजारा इनकी कारीगरी को अगर सरकार की मदद मिले तो काफी आगे बढ़ेंगें इनके ठिकेदार मालोमाल हो रहे है।

धौरैया बीडीयो गुरुदेव प्रसाद गुप्ता इनकी कार्यक्रम देखने कुरमा गांव पहुंचे एवं कई तरह की जानकारी लिये विदेशी कंपनी के सुरक्षा गार्ड के बैच बनाने वाले कारीगरों से मिलकर स्थित का जायजा लिया। इस दौरान बैच तैयार कर रहे बताया की धोरैया प्रखंड के कुरमा, कथोनी, जाजू गांव में बिहार झारखण्ड के दर्जनों युवा विदेशी कंपनी अमेरिका, आस्ट्रेलिया, रूस, ब्रिटेन जापान आदि। जैसे देशों के निजी सुरक्षा गार्ड का बैच तैयार करते है। जो दिल्ली के संवेदक शफीक अंशारी के जरिये यह बैच विदेश को भेजा जाता है।

कारीगर द्वारा पूछे जाने पर उसने बताया की एक कारीगर दिन भर में चार से पाँच बैच तैयार कर लेते है। जिसके एवज में उन्हें 70 रुपये बैच के हिसाब से मेहनताना दिया जाता है। जबकि एक बैच की लागत पन्द्रह से बीस रुपये के आसपास पड़ती है। कारीगरों ने बताया की बैच निर्माण में लगने वाली सामग्री दिल्ली के संवेदक सलीम द्वारा ही मुहैया कराई जाती है। स्थानीय बाजार में यह सामान उपलब्ध नहीं है। सप्ताह में करीब 800 से 1000 हजार बैच को तैयार कर उसे दिल्ली भेजा जाता है। जो सात समंदर पार चमक रही है।लेकिन हम युवा अपने ही देश मे बेगाने बने हुए है। यदि यहाँ की कारीगरी पर सरकारी रंग चढ़ जाए तो युवाओ के अच्छे दिन आ सकता है।