कृषि इनपुट सब्सिडी की आॅनलाईन आवेदन की तिथि 15 नवम्बर से बढ़ाकर 25 नवम्बर की गयी

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पटना – बिहार के कृषि विभाग मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि खरीफ, 2018 में अल्पवृष्टि के कारण सुखाड़ जैसी स्थिति को देखते हुए सरकार द्वारा राज्य के सूखाग्रस्त चिह्नित प्रखण्डों के किसानों को राज्य अधिसूचित स्थानीय आपदाओं के लिए निर्धारित सहाय्य डी॰बी॰टी॰ के माध्यम से फसलों के नुकसान को भरपाई करने हेतु अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। सुखाग्रस्त प्रखंडों के कोई भी अन्नदाता किसान भाई-बहन कृषि इनपुट सब्सिडी से वंचित न रह जाय इसलिए आॅनलाईन आवेदन की तिथि 15 नवम्बर से बढ़ाकर 25 नवम्बर किया गया है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सूखाग्रस्त चिन्हित प्रखण्डों के किसानों को इस योजना का लाभ खरीफ मौसम के खड़ी फसलों में अल्पवृष्टि के कारण सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए अधिसूचित स्थानीय आपदाओं के अधीन निर्धारित सहाय्य मापदंडों के अनुरूप अनुदान दिया जायेगा। यह अनुदान किसानों को वर्षाश्रित फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रू॰ प्रति हेक्टेयर तथा सुनिश्चित सिंचाई आधारित फसल क्षेत्र के लिए 13,500 रू॰ प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकत्तम 2 हेक्टेयर के लिए देय होगा। फसल क्षेत्र के लिए न्यूनतम 1,000 रूपया तथा शास्वत फसल क्षेत्र के लिए न्यूनतम 2,000 रूपया अनुदान देय है।

डाॅ॰ कुमार ने कहा कि इस योजना का लाभ आॅनलाईन पंजीकृत किसानों को ही दिया जायेगा। कृषि इनपुट सब्सिडी योजना का लाभ डीजल अनुदान की प्रक्रिया के अनुरूप दिया जायेगा। इस योजना में देय अनुदान की राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में ही अंतरित की जायेगी। इसलिए जो किसान भाई-बहन अब तक कृषि विभाग के वेबसाईट पर अपना आॅनलाईन पंजीकरण नहीं कराये हैं, वे अपना पंजीकरण शीघ्र करा लें। किसान, अपने नजदीकी कॉमन सर्विस केंद्र/सहज/वसुधा केंद्र/ई-किसान भवन से निःशुल्क ऑनलाईन सूखाग्रस्त प्रखंडों में कृषि इनपुट सब्सिडी योजना हेतु आवेदन के लिए संपर्क कर सकते हैं अथवा स्वयं अपने मोबाईल/लैपटाॅप से अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं। अभी तक सूखाग्रस्त प्रखंडों के 8,51,126 किसानों द्वारा कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के लिए आॅनलाईन आवेदन किया गया है और यह अनवरत जारी है। उन्होंने सूखाग्रस्त चिन्हित प्रखण्डों के किसान भाई/बहन से अपील किया कि सरकार की इस योजना का अधिक-से-अधिक लाभ उठायें।