केंद्र की निकम्मी सरकार को हटाना है तो एक पैर पर खड़े हो चट्टानी एकता दिखाएं – लालू यादव

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नालंदा/संवाददाता-

राजद की राजगीर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया कि भाजपा भगाओ देश बचाओ। शिविर के दूसरे दिन तो कई बड़े बड़े विद्वानों ने अपनी अनुभवों और जानकारियों से आये लोगों को प्रशिक्षित किया पर सबका कन्क्लूजन राजद सुप्रीमो लालू यादव ने निकाला। उन्होंने लोगों को आह्वान किया कि अब देखने का वक्त नहीं है। हमे अपने मुल्क को फिरका परस्ती ताकतों से मुक्ति दिलाना है, भाजपा की निकम्मी सरकार गरीब व वतन विरोधी है। इसके पास थेथरलॉजी के शिवाय कुछ नहीं है, देश में भजपा ने नफरत का जहर घोल दिया है। हम लोग देश के अन्य दलों और नेताओं से मिलकर रणनीति बनाएंगे और खदेड़ कर ही दम लेंगे, हम और हमारा दल या कोई सहयोगी सत्ता स्वार्थ की भूखी नहीं है। हमे देश व देशवासी और शरहद पर लड़ने वाले बेटों और भाइयों की चिंता है, कहा कि सत्ता के सुमार में भाजपा और बड़बोले बाबू की जमीर मर गई है। इनसे जनता और देश का भरोसा उठ गया है। धन बनाने और सत्ता में बने रहने के लिये देश को नफरत के आगोश में झोंक दिया है। 56 इंच का सीना तो कब का चूर हो गया । देश की रक्षा में शरहद पर तो हर रोज हमारे सैनिक का सर कलम हो रहा। नक्सलवाद हमारे घरों के शिविर में सोए लोगों पर गोलियों की बौझार कर सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार रहा है और ये पीएम मोदी जी गीदड़ की तरह अपने म्यान में भाषण पिला रहे हैं। बच्चों की सर से साया और बहू-बेटियों की मांग उजड़ गई। वाह रे भाई यह कैसा नेतागिरी है। अब तक इनकी जमीर नहीं जागी । इनका खून पानी है। इनसे क्या उम्मीद करना, देश के लिये कुछ करो । अब समय आ गया है, उठो देश के नौजवानों, भविष्य तुम्हे ताक रही है । तुम्हारे अकड़न से देश में बदलाव आयेगा । तुम्हारे कंधे पर देश का भविष्य टिका है। देश के सारे युवा-युवतियां संकल्प लें और देश से साम्प्रदायिक शक्तियों को खदेड़ दें। भजपा की सरकार और इनके लोग दलित महादलित, मुस्लिम, अति पिछड़ा, पिछड़ा, विरोधी हैं। 70 साल से देश उचाईयों की बुलन्दी पर था। आज ये लोग देश को कहां पहुंचा दिया है। उन्होंने अपने नेताओं को भी सावधान किया। बे वक्त और बे वजह ब्यान से बचे। राजद एक अनुशासित पार्टी है। इसमें योग्य से योग्य लोग हैं। वक्त पर सब मिलकर हम लोग काम करते हैं। कहा आप लोग देख रहे हैं कि हमसे घबराकर के तोड़ने और कमजोर करने के लिये बदनाम करो अभियान चला रहा है। यादवों को भी भड़का रहा है। ये भड़के वाला है। पत्थर का चट्टान है। तोड़े वाले ही टूट जायेंगे। राजद के बड़े और वरीय नेता जगतानन्द सिंह का नाम लेकर तारीफ करते हुए कहा कि वाकई में उनका स्पीच बड़े सन्तुलित और वजनदार व प्रशिक्षण का थींम था। आज तो विषय वार विद्वान वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं के जेहन में कूट-कूट कर गुर भरे और तालियां भी खूब बजी तो ख़ामोशी और गम्भीरता से मनमुग्द होकर सुनते भी रहे। वैसे अगर देखा जाय तो लालू जी का काट और जोड़ अभी भी कोई नहीं है। लोग उन्ही की बात सुनना भी चाहता और उस पर चलना भी । लालू ने एक बात यह भी कहा कि लोगन आइल बाड़न राजगीर में शिविर में सब इंतजाम तो बाड़े पर यहां के गरीब गुर्वा भी छोटे ठेला, गुमटी में कुछ बेचता, वो में से कुछ लिहिं, दुकान चली तब न कहिहन शिविर से हमरो कुछ न कुछ फायदा बा, तो मिला जुलाकर देखा जाय की इनके जेहन में वंचित शोषित और छोटे व्यवसायियों के प्रति सहानुभूति कूट-कूट कर व्याप्त है। जो आज के नेताओं में कम ही होती है, जिनके पास रहता भी वो मौका मिलते भूल जाते हैं।