कोई बेशर्म ही बोल सकता है, सीबीआई इज्जत देती है- संजय सिंह

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पटना- जेडी(यू) मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने शायराना अंदाज में लालू यदव पर तंज कसते हुए कहा है कि लालू यादव के लिए एक शायरी है जो मशहूर शायर ग़ालिब ने लिखी थी। ये शायरी उनपर फिट बैठती है।

आगे आती थी हाले-दिल पर हँसी, अब किसी बात पर नही आती…
है कुछ ऐसी बात की चुप है, वरना क्या बात कर नही आती..

काबा किस मूह से जाओगे ग़ालिब..
शर्म तुमको मगर नही आती.

लालू यादव बड़े बेशर्मी से कह रहे कि सीबीआई उनकी इज्जत करती है। ये कोई बेशर्म ही बोल सकता है, क्योकि एक इज्जतदार व्यक्ति के लिए सीबीआई और ईडी में जाना ही शर्म की बात होती है। लेकिन लालू इसकी भी महिमामंडन कर रहे है। तो एक बात है कि अब आगे की उम्र सीबीआई और ईडी में ही बितानी है तो बाहर आकर उनकी तारीफ करते है। वहीं बात हुई कि लाख बेइज्जत करो, लेकिन शर्म उसे आएगी जिनकी इज्जत होगी।

देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री है नरेंद्र मोदी उनको बिहार की चिंता है। जब तक यहां से बताया नहीं जाएगा कि यहां किस चीज की जरुरत है। तब तक वो कैसे जान पाएंगे कि यहां क्या क्या चाहिए। नीतीश कुमार ने बिहार के हक़ में अपनी आवाज उठाई है कोई बेजा मांग नहीं की है और आगे भी मांग जारी रहेगी । केंद्र सरकार और बिहार सरकार में कोई भेद भाव नहीं है। जिनको ये लगता है कि माँगने से इज्जत कम होती है तो बिहार के हक़ में और बिहारियों के हित में इज्जत आड़े नहीं आयेगी। नीतीश कुमार ने पहले ही कह दिया है कि बिहार की जनता ने काम करने के लिए मौका दिया है और उस मौके में ज्यादा से ज्यादा काम करना है।

बिहार के लोग नीतीश कुमार को कमिटमेंट मैन (संकल्प पुरुष) के रूप में देखते हैं और नतीजतन आज विकास हो रहा है। नीतीश कुमार सामाजिक न्याय के पुरोधा हैं । न्याय के साथ विकास की अवधारणा को चरितार्थ कर उन्होंने समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। बिहार की जनता जानती है कि नीतीश कुमार का गवर्नेंस कैसा रहा है। लालू यादव को पता होना चाहिए कि नीतीश कुमार अपनी राजनीति अपने शर्तो पर करते है और बिहार की जनता भी ये जानती है ।

तेजस्वी यादव पहले अपने कागजो का हिसाब देंखे कि उनके कागज़ कहाँ कहाँ है। अभी उनके अकूत सम्पति के कागजात तो लगातार आते जा रहे है। तेजस्वी यादव कागजो में अपना भविष्य देख लें उनके कारनामे का कागज़ का दीमक तो उनके भविष्य जो चाट रहा है ।