कोई भी बड़ा लक्ष्य सिर्फ कानून से नहीं बल्कि व्यापक जन सहयोग से ही प्राप्त किया जा सकता है – मुख्यमंत्री

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पटना: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपने निश्चय यात्रा के 9वें चरण के प्रथम दिन नवादा के सुदूर गांव पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सात निष्चय योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया। साथ ही अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय का भी निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों एवं जीविका के दीदीओं को संबोधित करते हुए कहा कि अकेले कानून से कोई भी बड़ा लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता है बल्कि उसके लिए उत्साह के साथ जबर्दस्त जन सहयोग होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति के पक्ष में दो करोड़ लोगों के मानव श्रृंखला बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें लगभग चार करोड़ लोगों ने भाग लिया, जो आपलोग के जबरदस्त सहयोग का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद पड़ी है। उन्होंने गणतंत्र दिवस के अवसर पर महादलित टोला के बुजुर्ग शत्रुहन मांझी के संबोधन का भी जिक्र किया, जिसमें शत्रुधन मांझी ने कहा था कि शराबबंदी लागू करके सरकार ने हमारे समाज के आधे लोगों को मरने से बचा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के कारण कितने लोगों की मौत हो रही थी, गांव के सीधे-साघे इनसान ने बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग यह आलोचना करते हैं कि शराबबंद होने से सरकार का पांच हजार करोड़ रूपये का राजस्व आना बंद हो गया परंतु मुझे यह संतोष है कि शराब से बिहार के लोगों का जो दस हजार करोड़ रूपये बर्बाद हो रहा था, वह आज बच गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चय यात्रा के अन्तर्गत विभिन्न जिलों में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन को देखने का बहुत लाभ होता है। 2011 में लोक सेवाओं के अधिकार कानून लागू होने के बाद अपनी सेवा यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान पता चला कि लोक सेवा अधिकार कानून को लागू करने में कहां-कहां कठिनाइयां हैं और उन कठिनाइयों को दूर किया गया। आज 14 करोड़ से ज्यादा आवेदन लोक सेवा अधिकार के तहत प्राप्त हुए हैं और उसका निष्पादन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व ही राज्य के सभी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देकर एक निश्चय को पूरा कर दिया गया है। उन्होंने सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाये गए कदमों की भी विस्तार से चर्चा की।

इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने नेमदारगंज पंचायत के सुपौल मठ गांव में सात निश्चय योजना के तहत हर घर में नल का जल, शौचालय निर्माण, पक्की गली-नाली योजना के क्रियान्वयन को देखा। मीरा देवी सहित कई महिलाओं से मुख्यमंत्री ने लागू योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने घर के अंदर जाकर भी ग्रामीणों से बात की। मुख्यमंत्री ने सुपौल मठ गांव में सौर ऊर्जा आधारित मिनी जलापूर्ति योजना का औपचारिक उद्घाटन भी किया।

26.28 लाख रूपये लागत की इस योजना में स्काडा व्यवस्था अन्तर्गत जिला मुख्यालय से ही पता लगाया जा सकता है कि योजना ठीक से चल रही है अथवा नहीं। मुख्यमंत्री ने गांव में बने बर्मी कम्पोस्ट बेड को भी देखा और उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय।

मुख्यमंत्री ने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय नवादा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय में प्राप्त लोक शिकायतों के आलोक में हो रही सुनवाई को देखा तथा कार्याें का जायजा लिया। पकरीबरावां प्रखण्ड की उर्मिला देवी ने अपने लोक शिकायत में गैरमजरूआ आम जमीन पर गांवों के कुछ लोगों द्वारा दीवार खड़ा करके रास्ता अवरूद्ध करने संबंधी परिवाद दायर किया था, जिसके आलोक में लोक प्राधिकार अंचलाधिकारी राजेश रंजन ने अतिक्रमणवाद चलाकर अवरूद्ध रास्ते को खुलवाया। लगभग एक वर्ष से अवरूद्ध रास्ते के खुलने से ग्रामीणों को काफी राहत पहुंची। दूसरा परिवादी बाबू लाल सिंह को दाखिल-खारिज का नकल जो कई दिनों से नहीं मिल रहा था, वह अनुमंडलीय लोक शिकायत पदाधिकारी के कार्यालय में आवेदन देने के बाद सहजता से मिल गया।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्री श्रवण कुमार, गोविन्दपुर की विधायिका श्रीमती पूर्णिमा यादव, हिसुआ विधायक श्री अनिल सिंह, विधान पार्षद श्री सलमान रागीव, पूर्व विधायक श्री कौशल यादव, जिला जदयू अध्यक्ष श्री प्रदीप महतो, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेषक श्री पी0के0 ठाकुर, प्रधान सचिव समान्य प्रषासन विभाग श्री डी0एस0 गंगवार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीष चन्द्रा एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, पी0एच0ई0डी0 के प्रधान सचिव अंषुली आर्या, ग्रामीण विकास के सचिव अरविन्द चैधरी, मगध प्रमण्डल के आयुक्त श्री लियांग कुंगा एवं जिला पदाधिकारी नवादा श्री मनोज कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री विकास वर्मन आदि उपस्थित थे।