कोटेश्वर महादेव महोत्सव का उप मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

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गया- बेलागंज के कोईरामा पंचायत अवस्थित कोटेश्वर नाथ धाम के प्रांगण में पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा आयोजित दो दिवसीय कोटेश्वर महादेव महोत्सव 2018 का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर शिक्षा एवं विधि मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा, बिहार के कृषि मंत्री डॉक्टर प्रेम कुमार, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, गया के सांसद हरि मांझी, पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद एवं बिहार के लोकायुक्त श्याम किशोर शर्मा, जिलाधिकारी अभिषेक सिंह व वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक ने सहयोग प्रदान किया।

इसके पूर्व जिलाधिकारी ने उपमुख्यमंत्री एवं सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका स्वागत किया। सर्वप्रथम जिलाधिकारी ने आगत अतिथियों के प्रति अपना स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कोटेश्वर नाथ धाम के विकास के लिए पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। कोटेश्वर नाथ मंदिर के समीप अवस्थित बहुचर्चित पीपल वृक्ष की घेराबंदी की जानी है तथा मंदिर के विकास हेतु प्रवेश द्वार, भवन मंडप, विवाह मंडप, पार्किंग स्थल तथा चहारदीवारी इत्यादि के लिए 3.19 करोड़ रुपए की स्वीकृति पर्यटन विभाग द्वारा दी जा चुकी है। स्थानीय लोगों से उन्होंने अपील की कि आपसी सहमति बनाकर मंदिर के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराई जाए ताकि जल्दी कार्य करवाया जा सके।

लोकायुक्त, बिहार श्याम किशोर शर्मा द्वारा कोटेश्वर नाथ धाम एवं मेन ग्राम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। उन्होंने उषा एवं अनिरुद्ध विवाह प्रकरण की चर्चा की तथा कोटेश्वर नाथ महादेव मंदिर के महत्व एवं उसकी महिमा से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यहां नैंसी सीरियल की शूटिंग भी हुई है। वर्तमान राष्ट्रपति, पूर्व के कई राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का यहां आगमन हो चुका है। जगद्गुरु शंकराचार्य का भी आगमन हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह इलाका पूर्व में बिहड़ इलाका के रूप में था। लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयास से आज यह स्थिति है कि हजारों लोग यहां पर पूजा अर्चना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग मेहनती हैं। पुरातत्व विभाग ने भी एक महीना रह कर यहां इस मंदिर पर कार्य किया है और उनके द्वारा भी बताया कि यह मंदिर छठी शताब्दी का मंदिर है। उन्होंने उपस्थित उपमुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रीगण से इसके विकास के लिए पहल करने की मांग की। इसके उपरांत पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद ने लोगों को संबोधित किया।

गया के सांसद हरि मांझी ने भी इस अवसर पर लोगों को संबोधित किया और कोटेश्वर नाथ धाम के विकास के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि पर्यटन विभाग ने सभी जिला अधिकारी से अपने जिले के संभावित पर्यटक स्थल की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। पर्यटन विभाग द्वारा वर्तमान में गया जिला में वर्ष 2008 -09 से अब तक 46 योजनाएं चलायी जा रही है। सभी पर कार्य प्रारंभ है। उन्होंने कहा कि वे बिहार में पर्यटन को पर्यटन उद्योग का दर्जा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं । इसके लिए पर्यटन रोड मैप बनाने पर काम चल रहा हैं। उन्होंने कहा कि बिहार टूरिज्म जब Google पर डालेंगे तो पर्यटक स्थलों की सूची मिल जाएगी। छुटे हुए पर्यटक स्थलों को भी इस मानचित्र में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बुद्ध सर्किट, जैन सर्किट, रामायण सर्किट की तरह बिहार में अवस्थित सभी शिवलिंग सभी मंदिर को जोड़कर शिव सर्किट भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गया और नालंदा बिहार की पर्यटक राजधानी के रूप में विकसित होगा । इस दिशा में कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इसके लिए 500 करोड़ रुपए दिए हैं। 200 करोड़ बौद्ध सर्किट के लिए और शेष जैन सर्किट रामायण सर्किट एवं अन्य योजनाओं पर व्यय किया जाएगा। पर्यटन विभाग अपने पर्यटकों की सुख सुविधा के लिए हर दिशा में प्रयासरत है।

कृषि मंत्री डॉ0 प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार के लोकायुक्त एवं पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश श्याम किशोर शर्मा की पहल पर इस क्षेत्र का विकास हुआ है। चुकी बिहार की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है अतः वे बताना चाहते हैं कि बिहार के विकास के लिए वर्ष 2008, 2012 एवं 2017 में कृषि रोड मैप बनाया गया। वर्ष 2017 में 12 विभागों के समन्वय से तीसरा कृषि रोड में बनाया गया है ।

उन्होंने कहा कि किसानों के परिश्रम से बिहार में कई अनाजों में उत्कृष्ट उत्पादन हुआ, जिसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2012, 2013, 2016 एवं 2017 में बिहार को राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से नवाजा गया। बिहार सरकार की पहल है कि जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। खेती में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पटना से भागलपुर के बीच पड़ने वाले 9 जिलों को जोड़कर जैविक कैरिडोर बनाया गया है। जिसमें 2000 एकड़ में जैविक खेती कराई जा रही है। साथ ही सभी 38 जिलों में जैविक ग्राम बनाया जा रहा है।

उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की मेन गांव एक जैविक ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए वे जिला कृषि पदाधिकारी,गया को निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि किसानों की आमदनी दोगुनी हो और इसके लिए समेकित कृषि प्रणाली अपनाया जाए। कृषि के साथ-साथ मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, एवं बकरी पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि मेन गांव के किसानों को वे इसका प्रशिक्षण दिलाएंगे। मिट्टी की जांच करवा कर खेतों का उपचार कराया जा रहा है मुख्यमंत्री का सपना है कि बिहार का व्यंजन देश की हर थाली में हो और इसे पूरा किया जाएगा।

जिले के प्रभारी मंत्री सह शिक्षा एवं विधि मंत्री, बिहार कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अनेक स्थलों का धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्त्व को समझते हुए अनेक महोत्सव का आयोजन कर उन स्थलों का विकास किया है। सूफी महोत्सव, तपोवन महोत्सव, बनावर महोत्सव इसी प्रकार के अनेक महोत्सव शुरू किए गए हैं। इससे उन स्थलों का भी विकास हुआ है, श्रद्धालुओं में भी भक्ति भाव जगी है। उन्होंने बताया कि मेन ग्राम पूर्व में संकटग्रस्त क्षेत्र था, लेकिन इस महोत्सव के आयोजन से इस स्थल का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का समुचित विकास होना चाहिए गांव का समावेशी विकास एवं संपूर्ण विकास होना चाहिए।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कोटेश्वर में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है 26 जनवरी 2018 को लोकायुक्त ने उन्हें इस बहुचर्चित पीपल वृक्ष के संबंध में बताया था और उसके 4 दिन पूर्व मुख्यमंत्री जी ने भी इसकी चर्चा की थी। देहरादून के रिसर्च इंस्टिट्यूट को इस बहुचर्चित पीपल वृक्ष को बचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

उन्होंने कहा कि हमारे यहां कृष्ण, राम और शिव की सर्वाधिक पूजा होती है। मारीशस में शिवरात्रि के दिन सार्वजनिक छुट्टी दी जाती है। भगवान शिव के अनेक कथा प्रसिद्ध हैं, लेकिन सर्वाधिक प्रसिद्ध है शंकर जी ने विष का पान सृष्टि को बचाने के लिए किया था। उन्होंने इसे पीकर अपने गले में रोक लिया था। यह प्रकरण यह प्रेरणा देता है कि समाज की बुराइयों को किस प्रकार रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह इलाका बिहड़ इलाका के रूप में जाना जाता था। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया कि इस कोटेश्वर नाथ धाम के विकास के लिए कार्य किया गया।

पर्यटन विभाग के द्वारा महोत्सव का आयोजन प्रारंभ कराया गया। उन्होंने कहा कि कोटेश्वर नाथ धाम से मुख्य सड़क तक के लिए ग्यारह करोड़ रुपए स्वीकृत हो गए हैं। और अगले साल तक सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा।( पूर्व में लोकायुक्त श्याम किशोर शर्मा द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि 3 वर्ष पूर्व जगतगुरु शंकराचार्य यहां आए थे और सड़क की दशा देखकर, वे कह कर गए थे कि जब सड़क बन जाएगा, तब उन्हें फिर आमंत्रण दिया जाए और वह मेन गांव आएंगे।) इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अगले साल जगतगुरु शंकराचार्य को मेन ग्राम में बुला सकते हैं ।

उन्होंने कहा कि गया जिला के कण कण में हमारी संस्कृति व्याप्त है। मंदिर के आस पास सैकड़ों ऐसे मंदिर हैं जहां प्राचीन शिवलिंग स्थापित हैं । इस स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने हेतु पर्यटन विभाग 3.19 करोड़ रुपए व्यय कर रही है। जिसके द्वारा प्रवेश द्वार, भवन मंडप, विवाह मंडप, पार्किंग स्थल एवं चहारदीवारी इत्यादि का निर्माण कराया जाएगा।

उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की साथ ही लोकायुक्त श्याम किशोर शर्मा को एवं जिलाधिकारी को पहल करने का सुझाव दिया ताकि मंदिर के आसपास जिन स्थानों पर इन भवनों का निर्माण कराया जाना है उनके रैयातदारों के साथ बैठक कर जमीन दान में प्राप्त करें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पीपल के पेड़ के चारों ओर चहारदीवारी की आवश्यकता है। लोगों की मांग पर उन्होंने कहा कि पहले बिहार में 25 आई टी आई थे जो बढ़कर 500 हो गए हैं। उन्होंने कहा कि निजी आईटीआई वालों से संपर्क कर यहां आई टी आई खुलवाया जा सकता है।

कुशल युवा कार्यक्रम हेतु केंद्र चलाया जा सकता है। इसके लिए जिलाधिकारी को उन्होंने इस पर योजना बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नए प्रखंड बनाने के लिए अनुशंसा कमेटी बनाई गई है। उस अनुशंसा कमेटी के चेयरमैन उन्हें ही बनाया गया है और जब भी बिहार में नए प्रखंड बनाए जाएंगे कोटेश्वर नाथ धाम के समीप भी एक प्रखंड बनेगा। लोगों की मांग पर उन्होंने कहा कि चिह्नित स्थलों पर 30 बिस्तर वाला सामुदायिक चिकित्सालय बनाया जा रहा है। यहां के अस्पताल को विकसित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि गांव को सड़कों से जोड़ने का कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। पूर्व में ढाई सौ तक की आबादी के गांव को सड़कों से जोड़ने का काम किया जा रहा था। अब 100 तक की आबादी को भी सड़कों से जोड़ा जाएगा। साथ ही गांव से स्कूल और गांव से अस्पताल को जोड़ने हेतु भी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पक्की गली योजना के तहत हर गांव की गली का भी पक्कीकरण होगा। हर टोले को भी पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकार ने काम प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कोटेश्वर धाम तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा। सालो भर लोग यहां आयंगे यही उनकी कामना है।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के आगमन के अवसर पर सार्जेंट मेजर मोहम्मद यूनुस खान के नेतृत्व में महिला पुलिस बल के द्वारा सन्मान गार्डन प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री ने कोटेश्वर नाथ धाम अवस्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उनके साथ शिक्षा सह विधि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा, कृषि मंत्री डॉ0 प्रेम कुमार, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, लोकायुक्त श्याम किशोर शर्मा, जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे। इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री ने सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों के साथ बहुचर्चित पीपल वृक्ष का अवलोकन किया साथ ही अपने टैब से उसकी वीडियोग्राफी की और बहुत ही गौर से पीपल वृक्ष की डालियों को देखा।

गौरतलब है कि इस पीपल वृक्ष की सभी टहनियां मंदिर की ओर झुकी हुई हैं तथा जमीन से सटकर पुनः नए पीपल वृक्ष के रूप में निकली हुई है। धन्यवाद ज्ञापन उप विकास आयुक्त राघवेंद्र सिंह ने किया ।इसके उपरांत कस्तूरबा गांधी रहीम बिगहा, उच्च विद्यालय की छात्राओं, मगध संगीत संस्थान के कलाकारों,तथा मुम्बई की मशहूर गायिका पूर्णिमा श्रेष्ठ के द्वारा अपनी गयी हुई, गीत इतनी शक्ति हमे देना दाता एवं अन्य मशहूर गीतों को प्रस्तुत किया गया।