क्या मिलेगा इन बेटियों को इंसाफ ?

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छपरा: राज्य के सुशासन बाबू नीतीश कुमार अपने आपको दलितों और महादलितों का मसीहा समझते हैं और उन लोगों की देखभाल व सुरक्षा की बात करते हैं लेकिन सारण जिले की पुलिस है कि उनके मंसूबो पर पानी फेरती नजर आ रही है। सारण जिले की दो अनाथ महादलित युवतियों ने एसपी साहिबा अनुसुईया रणसिंह साहू से मिल कर अपनी आपबीती सुनाई। सारण जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र के चमरहिया गांव निवासी स्वर्गीय सीताराम साह की 16 वर्षीय पुत्री अपनी छोटी बहन व भाई के साथ खाना खा कर जर्जर व बगैर छत वाले घर में सोई थी तभी अचानक घर के दरवाजे से बगल के रहने वाले परमात्मा के पुत्र संतोष कुमार व सतीश सिंह उर्फ खरहा सिंह के पुत्र संतोष सिंह आ धमके और चाकू के बल पर घर में रखे माँ के गहने और छात्रवृत्ति के रूप में मिले 1800 रुपये जबरदस्ती छीन लिए। दोनों बहनों को कपड़ा उतारने के लिए भी कहा और ऐसा नहीं करने पर हाथ पैर बांध दिए। बहनों ने बताया कि उनके साथ गलत व्यवहार करने की नीयत से वे मारपीट करने लगे, तभी अचानक कुत्ते की आवाज सुन संतोष जाकर देखने लगा। मौके का फायदा उठा कर चहारदीवारी कूद अपनी बड़ी मम्मी के घर वे चली गईं और सभी बात बताई। इसी बीच दोनों लड़के घर से निकल कर भाग गए।

दूसरे दिन स्थानीय दाउदपुर थाने में उन दोनों लड़कों के खिलाफ आवेदन कर मामला भी दर्ज हुआ लेकिन थाने के लोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। लड़कियों का कहना है कि
दोषी लड़के उल्टे उन्हें धमकी दे रहे हैं और कह रहे हैं कि केस उठा लो नहीं तो तुम दोनों बहनों और भाई की हत्या कर देंगे। लड़कियों ने कहा कि वे डरी-सहमी हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस बीच दोनों ने पढ़ाई भी छोड़ दी है। घटना 14 जुलाई, 2017 की शुक्रवार को रात 11 बजे की बताई जा रही है। स्थानीय दाउदपुर थाने के चमरहिया गांव में गोंड़ जाति के स्व सीताराम साह की दो नाबालिग पुत्री की उम्र 16 व 14 वर्ष है। इन मासूम बच्चियों की माँ बहुत पहले ही मर चुकी है, इन बच्चियों की देखभाल करने वाला कोई नही है। किसी तरह मेहनत-मजदूरी कर अपनी गुजारा करती हैं। एसपी से मिलने के बाद इन्होंने अपनी आपबीती मीडिया को सुनाई ।