गिरिराज सिंह ने हरिवंश राय बच्चन की कविता को दोहराते हुए राजनीतिक विरोधियों को जवाब दिया

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धनंजय झा

लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत और केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनने के बाद बेगूसराय दौरे पर पहली बार आए गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन के दौरान ना कुछ कहते हुए भी बहुत कुछ कह दिया। इस दौरान गिरिराज सिंह ने बिना किसी का नाम लिए हरिवंश राय बच्चन की कविता को दोहराते हुए अपने राजनीतिक विरोधियों को सधे शब्दों में जवाब भी दिया।

गिरिराज सिंह ने हरिवंश राय बच्चन की कविता की पंक्तियों का उद्बोधन कर खूब तालियां भी बटोरी तथा विरोधियों को जवाब भी दिया। गिरिराज सिंह ने कहा – ‘मुझे ख्वाहिश नहीं मशहूर होने की, आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है। अच्छे ने अच्छा जाना बूरे ने बुरा जाना, जिसे जितनी जरूरत थी मुझे उतना ही जाना। यह जिंदगी का फलसफा भी बड़ा अजीब है, समय कटती नहीं रातें गुजर जाती है।जब हम जीत जाते हैं तो अपने पीछे छूट जाते हैं, हार जाते हैं तो अपने पीछे छोड़ जाते हैं।’

गिरिराज सिंह ने ईशारों ईशारों में कन्हैया पर वार करते हुए कहा कि बेगूसराय की जनता के ऊपर पूरे दुनिया की निगाहें टिकी हुई थी। क्योंकि जिन लोगों ने आकर बेगूसराय का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की लेकिन वह अपने मुकाम में सफल नहीं हो सके। मैं बेगूसराय की जनता को धन्यवाद देता हूं कि बेगूसराय की जनता ने देश और बेगूसराय का माहौल बिगड़ने नहीं दिया और जो राष्ट्रवाद और विकृत राष्ट्रवाद की मानसिकता का दौर चला था उसमें राष्ट्रवाद को बेगूसराय की जनता ने अहमियत दी।

इस दौरान गिरिराज सिंह ने बेगूसराय की जनता को आश्वस्त किया कि आज बेगूसराय की जनता ने एक सांसद ही नहीं एक मंत्री को अपना प्रतिनिधि बनाया है। उन्होंने कहा ‘मैं वादा करता हूं कि मैं प्रत्येक सप्ताह बेगूसराय की जनता से रूबरू होने की कोशिश करूंगा।’ फिलहाल जो भी हो लेकिन गिरिराज सिंह ने एक बार फिर बेगूसराय की जनता के दिलों में अपनी जगह बनाई है और विरोधियों को करारा जवाब दिया है।