गुणवतापूर्ण शिक्षा देना सरकार के लिए चुनौती : नीतीश कुमार

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पटना: राजधानी पटना में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार बजट का 25 फीसदी राशि शिक्षा पर खर्च करती है लेकिन गुणवतापूर्ण शिक्षा के मामले में बिहार देश में नीचे से तीसरे स्थान पर है।

वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि कि स्कूल के बाहर रहने वाले बच्चों की संख्या 12 फीसदी से घटकर एक फीसदी रह गई है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बेटियों को पढ़ा देने से ही आधे से ज्यादा सामाजिक, पारिवारिक समस्याओं का निदान हो जाएगा। उन्होंने कहा शिक्षित बेटियों से ही सुशिक्षित समाज का निर्माण संभव है।

उन्होंने कन्या शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि दस साल पहले बिहार में कन्या शिक्षा की दर मात्र एक लाख सत्तर हजार हुआ करती थी जो काफी कम थी, लेकिन इस पर हमने ध्यान दिया और विगत कुछ सालों में यह दर बढ़कर आज आठ लाख पंद्रह हजार हो गयी है, जो काफी संतोषजनक है।

बिहार में बेटियां सही से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें इसके लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसमें बालिका पोशाक योजना और साइकिल योजना प्रमुख है। आज जब गांव और शहरों में बेटियां साइकिल पर सवार होकर स्कूल जाती हैं तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास झलकता है। आज बिहार में मां-बाप भी बेटियों की शिक्षा के लिए जागरूक हैं।

नीतीश कुमार ने कहा कि हमारी यह इच्छा है कि बिहार की हर बेटी कम से कम अपनी मैट्रिकुलेशन की पढाई पूरी कर ले ताकि जरूरत पड़ने पर अपने पैरों पर खड़ी हो सके, अपने लिए कुछ कर सके। कोई अनपढ़ ना रहे। इसका असर अब दिख रहा है। बिहार में बच्चों की स्कूलों में उपस्थिति दिख रही है। समय पर शिक्षा देना हमारा हमारा मकसद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार एक पिछड़ा राज्य है, यहां गुणवत्ता का अभाव है। हमारा ध्यान क्वालिटी एजुकेशन पर है जो हमारे सामने बड़ी चुनौती है। हम शिक्षा के साथ ही रोजगार को भी प्रोमोट करना चाहते हैं ताकि जो बच्चे उच्च शिक्षा ना प्राप्त कर सके हैं उनके अंदर छुपी प्रतिभा को निखारकर उनके लायक काम दिला सकें, इसके लिए कौशल विकास योजना शुरू की गयी है।

नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार अपने बजट का बीस प्रतिशत हिस्सा शिक्षा के लिए खर्च कर रही है। एेसा करने वाला इकलोता राज्य है बिहार। उन्होंने कहा कि समय पर पढ़ाई, समय पर परीक्षा और समय पर रिजल्ट हम अपने शैक्षणिक संस्थानोें से यही चाहते हैं।