गोडसेवाद और जिन्नावाद दोनों देश के लिए खतरनाक है : एजाज अहमद

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पटना: जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज़ अहमद ने कहा कि गिरिराज सिंह जैसे लोगों के कारण आज उन्माद और कट्टरवाद की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है। जहां एक और गिरिराज सिंह समाज के एक वर्ग के खिलाफ जहरीली बात करके दूसरे वर्ग के लोगों मे भी कट्टरवाद की राजनीति को पनपने का मौका दे रहे हैं ।

एजाज ने आगे कहा कि गोडसेवाद की राजनीति देश के लिए खतरनाक है, वही जिन्नावाद की राजनीति भी देश के लिए ठीक नही है । आज देश में आज जिस प्रकार की राजनीति धर्म और नफरत के नाम पर की जा रही है उससे देश की एकता और अखंडता कमजोर हो रहा है और ऐसे तत्वों को गिरिराज सिंह जैसे लोग मजबूती प्रदान कर रहे हैं ,क्योंकि इनका एकमात्र एजेंडा अल्पसंख्यक विरोध की राजनीति का रास्ता ही भाजपा के लिये वोट बनाने का साधन है। आज जबकि देश का अल्पसंख्यक समाज ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता और नफरत की राजनीति के खिलाफ महात्मा गांधी के आदर्शों के मुताबिक उनके विचारों के साथ खड़ा होकर उनसे मुकाबला किया है ।जब पूरे देश में सभी धर्मों के नौजवान रोजगार के लिए भटक रहे हैं वैसे समय में गिरिराज सिंह जैसे लोग ऐसे नौजवानों का इस्तेमाल कट्टरवाद और नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने में कर रहे है , जिस कारण आज नौजवान रोजगार से विमुख होकर उन्माद की ओर जा रहा है , जो मूल्क को कमजोर करने वाली ताकतों को ही शक्ति प्रदान कर रहा है ।

इन्होंने कहा कि देश मे जहां गिरिराज सिंह जैसे लोगों को राजनीति में बढने से रोकने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर ओवैसी जैसे लोगों को भी बढावा ना मिले इसके लिए समग्र सोच सभी को मिलकर बनाना होगा, क्योंकि प्रत्येक क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है जो समाज और देश के लिए हानिकारक है। इन्होंने कहा कि कट्टरवाद और उन्माद के खिलाफ सभी दलों एवं नेताओं को एक सोच बनानी होगी, क्योंकि देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखकर ही देश को मजबूत बनाया जा सकता और इसके लिए दोनों धर्म के लोगों को सोचना होगा और कट्टरवाद के खिलाफ आगे आना होगा । देश में बढ़ती बेरोजगारी ,मंदी, भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार, बढ़ते अपराध तथा बैंकों में की जा रही सेंधमारी के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है, क्योंकि कट्टरवाद की आड़ में नीरव मोदी, मेहुल चौकसी ,विजय माल्या जैसे लोगों ने देश को आर्थिक रूप से कमजोर किया है और इस मामले में सत्तापक्ष इनका मददगार बना हुआ है और विपक्ष की ओर से ऐसे मामलों के खिलाफ मौन है, जिससे देश की जनता ऊब चुकी है।