घटिया पानी सप्लाई करने वाले 5 सप्लायर को जिलाधिकारी ने दिया सील करने का निर्देश

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पटना- जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मिनरल वाटर के नाम पर कम गुणवत्ता वाले पानी सप्लाई करने वाले सप्लायर पर होगी कार्रवाई। 5 एजेंसी का बोतल बंद पानी पीने योग्य नहीं (Not fit for drinking) पाया गया। जिलाधिकारी द्वारा पानी का गुणवत्ता जाँच करने के लिए गठित टीम ने दिनांक 5.11.2017 को 12 एजेंसियों का सैम्पल जब्त किया था। जब्त सैम्पल की जांच PHED के लैब में की गई थी।
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कार्यपालक अभियंता ने अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट किया कि 5 एजेंसियों के सैम्पल की जाँच में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। इन एजेंसियो के सैंपल में पानी का PH value अनुमन्य सीमा (permissible limits) से कम है जो कि इसे पीने के अयोग्य बनाता है। निम्न एजेंसी के सैंपल पीने योग्य नहीं पाए गए :

1. राज प्यूरीफायर वाटर सप्लाई बामन पूरा मोड, पंकज स्वीट्स के समीप, फुलवारी

2. द गंगा, भुसौला दानापुर, फुलवारीशरीफ अश्वनी स्कूल के समीप।

3. राज लक्ष्मी इंटरप्राइजेज, मंदिरी, कतपुला के समीप।

4. सिन्हा होमेओ हॉल मोहन पुर पुनाईचक।

5. एक दंत नीर सागर, पटेल नगर, गांधी मूर्ति।

जिलाधिकारी ने बताया कि इन एजेंसियो को सील करने का दिया गया है निदेश साथ ही इनके उत्पादन स्थल की भी विस्तृत जाँच किया जाएगा।
जिलाधिकारी द्वारा सभी पानी बनाने वाले फैक्ट्री को महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र के कार्यालय में अपना विवरण दर्ज कराने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल, ने बताया कि लोग अपना विवरण दर्ज नहीं करायेंगे उनकी फैक्ट्री सील कर दी जायेगी। मानक गुणवता नहीं पाये जाने पर फैक्ट्री की अनुज्ञप्ति रद्द किया जायेगा। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी को निदेश दिया है कि उनके क्षेत्र अंतर्गत चल रहे ऐसे दुकानों का निरीक्षण करें तथा पानी का सैम्पल एकत्र कर पी0एच0ई0डी0 के प्रयोगशाला में जांच करायें। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने का दिया है निदेश कि पानी का पैकेजिंग करने के स्थान की स्वच्छता उत्तम होनी चाहिए ताकि पानी की गुणवत्ता प्रभावित न हो।

कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभिंयत्रण विभाग को निदेश दिया गया कि प्राप्त होने वाले सैम्पल की गुणवत्ता की जांच शीघ्र सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि जांच दल द्वारा लगातार इस तरह की जांच करते हुए सैम्पल कलेक्शन कर उसकी गुणवत्ता की जांच पी0एच0ई0डी0 के माध्यम से करवायी जाएगी। पानी की गुणवत्ता की नियमित अंतराल में जांच करायी जायेगी ताकि गुणवत्ता सतत बरकरार रहे। जिलाधिकारी ने इस व्यपार में जुडे सभी एजेंसी को स्पष्ट निदेश दिया है कि गुणवत्ता जांच संबंधी प्रमाण पत्र अपने प्रतिष्ठान में निश्चित रूप से सुदृष्टिगोचर स्थान पर प्रदर्शित करेंगे। जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि मानक गुणवत्ता के अनुरूप उत्पाद नहीं होने की स्थिति में संबंधित बिक्रेता के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।