चर्चित बैंक मैनेजर हत्याकांड का खुलासा

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जहानाबाद – चर्चित बैंक मैनेजर हत्याकांड का पुलिस ने किया उद्भेदन। एसपी मनीष ने मामले का खुलासा करते हुए यह साबित किया कि अरवल में पोस्टेड बैंक मैनेजर आलोक चंद्रा की हत्या ईमानदारी की वजह से हुई।

पुलिस ने उद्भेदन कर हत्याकांड में शामिल बैंक के उपशाखा प्रबंधक एवं शूटर सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने मामले में अपनी संलिप्ता भी स्वीकारी है। 

गौरतलब है कि बैंक ऑफ बड़ोदा के मैंनेजर आलोक चंद्रा की हत्या 21 मई 2018 को जहानाबाद के नेहालपुर गांव के समीप एनएच-110 पर उस समय कर दी गयी थी जब वे अपने घर से अरवल शाखा ड्यूटी पर बाइक से जा रहे थे।

एसपी मनीष ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल उपशाखा प्रबंधक और होंडा एजेंसी के मालिक ब्रजेश कुमार ने साजिश कर डेढ़ लाख रुपये की सुपारी राजू और प्रिंस नाम के दो शूटरों को दी थी और तीन और लोगों को लाइजनर का काम किया था।

एसपी मनीष ने बताया कि होंडा एजेंसी के मालिक ब्रजेश कुमार बैंक ऑफ बड़ौदा की अरवल शाखा से 1.5 करोड़ का लोन स्वीकृत हुआ था और उसमें उपशाखा प्रबंधक ने बड़ी मदद की थी, परंतु उसने लोन के रुपये से जमीन खरीदने में लगा दिया था।

इधर नये बैंक मैंनेजर आलोक चंद्रा ने बैंक का कार्यभार संभालते ही बड़े कर्जदारों पर नकेल कसनी शुरू कर दी थी और इसकी जद में उपशाखा प्रबंधक राजेश कुमार का प्रिय होंडा एजेंसी का ब्रजेश भी आ रहा था। आखिरकार दोनों ने मिलकर ईमानदार बैंक मैंनेजर आलोक चंद्रा को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया और राजू उर्फ राजकिशोर और प्रिंस ने जहानाबाद के नेहालपुर के समीप गोली मार कर हत्या कर दी। जबकि विकास और पिंटू बाइक से रैकी कर रहा था। एसपी ने बताया कि इस मामले में 1.5 लाख रुपये की सुपारी शूटरों को दी गयी थी और हत्या में शामिल पांच लोगों के बीच 30-30हजार का बटबरा हुआ था।