चिलचिलाती गर्मी में पानी के लिए तरसते ग्रामीण

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दिलीपकुमार

कैमूर – भीषण गर्मी शुरू होते ही पहाड़ी इलाको के साथ-साथ मैदानी इलाके में भी पानी की जबरदस्त किल्लत शुरू हो गई है। लोगों का घरों में लगे और सरकारी चापाकल से पानी निकलना बंद हो गए हैं। कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड के 108 गांव पहाड़ के ऊपर स्थित है। इन इलाकों पानी की जबरदस्त किल्लत देखा जा रहा है। सारे चापाकल बंद हो गए हैं।

यहां के ग्रामीण पानी के लिए कुआं पर निर्भर हैं। बिहार सरकार पानी की किल्लत को देखते हुए सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल लगाने का प्रावधान रखा है। लेकिन इन पहाड़ी इलाकों पर आखिर सात निश्चय कैसे सफल होगा यह बहुत बड़ा ही सवाल है।

ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी पड़ते ही कुआं का पानी दोपहर में सूख जाता है। अहले सुबह या देर शाम को थोड़ा-थोड़ा पानी रिसता हुआ दिखाई देता है, हम लोग घंटों लाइन में खड़े होकर थोड़े-थोड़े पानी को एकत्रित कर अपने उपयोग के लिए ले जाते हैं।

कैमूर जिला अधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया पानी की किल्लत ना हो इसके लिए पीएचईडी विभाग को विशेष निर्देश दिया गया है। वैसे पहाड़ी क्षेत्र जहां कोई भी चापाकल काम नहीं कर रहा है वहां टैंकर के माध्यम से पानी की सप्लाई किया जाएगा।