छात्राओं ने शराबबंदी और दहेज बंदी को सफल बनाने का लिया संकल्प

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पटना – बिहार सैन्य पुलिस व प्रेम यूथ फाउंडेशन एवं निष्पक्ष पहल के संयुक्त तत्वावधान में बिहार में पूर्ण नशाबंदी, दहेजबंदी में महिलाओं की भूमिका पर सेमिनार का आयोजन गंगा देवी महिला महाविद्यालय में किया गया।सेमिनार का उद्घाटन जदयू विधान पार्षद प्रो. डॉ रणबीर नन्दन एवं बिहार सैन्य पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सेमिनार की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्या डॉ श्यामा राय, स्वागत डाॅ. मणिमाला संचालन फाउंडेशन के संस्थापक गांधीवादी प्रेम जी व धन्यवाद ज्ञापन आशीष पटेल ने किया।

इस मौके पर अपने संबोधन में डॉ रणबीर नन्दन ने कहा कि आज का विषय अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका दीदीओं के आग्रह पर ही शराबबंदी का निर्णय लिया। वे समाज में इस निर्णय को लागू करने के लिए सबसे आगे हैं। आज जिस घर के पुरूष शराब का सेवन कर रहे हैं उस परिवार की महिला थाने में जाकर उनके खिलाफ केस दर्ज करवा रही है। इसलिए बिहार में शराब की डर से असंख्य लोग महिलाओं के डर से शराब छोड़ दिये हैं। उन्होंने लड़कियों से आह्वान किया कि पढ़-लिखकर इतना योग्य बनो कि तुम्हारी शादी में कोई दहेज की मांग न करे स्वयं पुरूष समाज तुम्हारा हाथ मांगने आये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लड़कियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की शिक्षा के लिए 54100 रूपये का प्रावधान किया। इसके लिए सीएम बधाई के पात्र हैं।

प्रो. नंदन ने गंगा देवी काॅलेज के छाटे से सेमिनार हाॅल में हो रही दिक्कतों को देखते हुए नये सेमिनार हाॅल के लिए अपने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से 15 लाख की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार में अब दहेज लोभियों के लिए कोई जगह नही है। न बेटा को बेचे न दूल्हा खरीदे। बेटी को स्वालंवन बनाने की जरूरत है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है। इस मौके पर बिहार सैन्य पुलिस के महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ चोर पकड़ना नही है समाज मे चोर पैदा न हो इसके लिए भी पुलिस को कम करने की जरूरत है। खाली हाथो में शराब की बोतल और बंदूक आसानी से पहुँच जाता है। हमे अपने बच्चों को सही संस्कार देने की जरूरत है। नशा का सेवन व्यक्ति को जानकर बना देता है हम सबो को नशा के खिलाफ आंदोलन करने की जरूरत है। इसमें महिला महत्वपूर्ण है। दहेज दानव है इसे समाप्त करना होगा।

उन्होंने कहा कि शराब हमारे शरीर के कीमती मशीन बुद्धि को विकृत कर देता है। जो हमे गलत करने से रोकता है। उन्होंने कहा कि बिहार शराब बंदी और दहेजबन्दी के लिए सार्थक पहल कर रहा है। पुलिस को अपना चाल चरित्र चेहरा बदलने की जरूरत। नशाखोरी के शिकार लोगो का पूरा पीढ़ी ही समाप्त हो जाता है। नशा नाश का जड़ है। उन्होंने आम लोगों को आग्रह किया कि अगर कोई पुलिसवाला शराबमाफिया को सहयोग करता हो तो हमको सूचित करें उसपर जरूर कार्रवाई होगी। मौके पर बीएमपी कमांडेंट अरविंद ठाकुर, सुशान्त सरोज अपर पुलिस अधीक्षक पटना सदर, रविभूषण शर्मा थानाध्यक्ष कंकड़बाग, राजीव कुमार, राजदीप कुमार, गोपी कुमार, सुनैना सिंह, आलोक कुमार ने अपना विचार प्रकट किया। छात्राओं ने शराब बंदी और दहेज बंदी को सफल बनाने का संकल्प लिया।