जंतर-मंतर पर विपक्ष के धरना पर नीतीश का हमला

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पटना – मुज़फ़रपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि घटना शर्मसार करने वाला है. समाज कल्याण विभाग ने टिस से मामले की जांच कराई. जांच के बाद ही मामले की जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि ये बिहार ही है जहां सरकार ने टिस से जांच करवाया और आज इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. घटना को लेकर भ्रम का वातावरण बना जिसके बाद मामले को जांच के लिए सीबीआई को दिया गया. लोग कह रहे हैं मैं चुप हूँ, सदन में सरकार ने अपनी बात कही. ऐसे में मेरी कौन सी चुप्पी है? लोग चुप्पी की व्याख्या अपने-अपने तरह से कराये हैं. जांच के लिए हाइकोर्ट तैयार हो गया है यह ख़ुशी की बात है. सिस्टम में कमी है तभी इस तरह का मामला सामने आया.

अगर जांच में मंत्री या उनसे जुड़े लोग आएंगे तो वो भी जाएंगे

नीतीश ने कहा कि मेरी छवि कैसी है और इस पर क्या असर पड़ा यह तो जनता बतायेगी. जनता ही सरवोपरि है. अगर जांच में मंत्री या उनसे जुड़े लोग आएंगे तो वो भी जाएंगे. मंत्री को बुलाकर हमने पूछा उन्होंने संलिप्तता से इनकार किया है. किसी को बख्शा नहीं जाएगा. जिसको जो पॉलिटिकल कॉमेंट करना है करे.

राज्यपाल का चिंता स्वाभिक है

मुख्यमंत्री ने कहा कि सब को बोलने का अधिकार है. राज्यपाल ने अपनी चिंता प्रकट की है, उन्होंने मुझे पत्र लिखा. राज्यपाल का स्वाभिक चिंता है. केन्द्रीय कानून मंत्री ने क्यों पत्र लिखा इस पर मैं क्या टिप्पणी करूँ ? मुझे नहीं पता पत्र का क्या मतलब है? बीजेपी के किसी सांसद ने कुछ कहा है उस पर मैं क्या बोलूं..सब को बोलने का अधिकार है

जंतर-मंतर पर विपक्ष के धरना पर नीतीश का हमला

जंतर-मंतर पर विपक्ष के धरना पर नीतीश ने हमला करते हुए कहा कि सेंसिटिव इशू पर धरना दिया जा रहा है और वे इसमें हंस रहे हैं. महिलाओं और बच्चियों के लिए धरना में बैठ कर लोग मुस्कुरा रहे थे. धरना में बैठे लोग कौन-कौन थे, उसमें कुछ लोग ऐसे थे जिन्होंने महिलाओ के लिए क्या-क्या बोला था. धरना किस लिए दिया गया था सब समझ रहे थे. धरना पर बैठे लोगों को हमने हंसते हुए देखा. ऐसी संवेदना होती है. केंडिल मार्च लेकर चलने वालों को देखकर हंसी आयी. शरद यादव पर नीतीश कुमार ने इशारे-इशारे में बोला हमला, कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो महिलाओं के लिए अपशब्द बोलने वाले भी थे. ये धरना क्यों था सबको समझ में आ रहा है. ये कोई इसके लिए थोड़े ही था. हाथ में मोमबत्ती लेकर जो चिंता प्रकट कर रहे हैं महिलाओ की उनके वक्तव्य पर पूरे देश की महिलाओं का क्या विचार है?

NGO के द्वारा काम करना उचित नहीं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गैर सरकारी संस्थायों के हाथ मे नही दी जाएगी बालिका गृह. सरकारी भवनों का निर्माण करा कर सरकार के देख रेख में दिया जायेग बच्चियों को. कर्मचारी अपने देख रेख में रखेंगे बच्चों को. वहीँ मंजू वर्मा के द्वारा जाती का उल्लेख करने के मामले पर बोले सीएम नीतीश, उन्होंने कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं वे खुद क्या बोलते हैं. कोई कुछ बयान देने के लिए स्वतंत्र है. जो लोग कल बयान दे रहे थे क्या वो ठीक है? जिनका पूरा परिवार क्या-क्या बयान अभी तक दिया क्या वो ठीक है?