जब इमरजेंसी चुप नहीं करा सकी तो अब चुप होऊंगा : रघुवंश प्रसाद

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पटना: पटना में जदयू के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद रघुवंश प्रसाद सिंह ने हाजीपुर में पत्रकारों के माध्यम से जदयू के नेताओं से सवाल किया कि मीडिया के फोरम पर न बोलू तो और कंहा बोलू ? क्या महागठबंधन में है कोई फोरम ? और मुझपर सवाल उठाने वाले जदयू के प्रवक्ता प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों कर रहे है, मुझे गाली देते है वो क्यों नहीं जाते फोरम में ?

उन्होंने कहा कि जनता की आवाज इसी तरह आगे भी उठता रहूंगा। जब मुझे देश की इमरजेंसी चुप नहीं करा सकी तो अब क्या चुप होऊंगा। मैंने क्या गलत कहा है, नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री है और क्यों नहीं हो सकते है परिस्थितियों के मुख्यमंत्री।

मुख्यमंत्री ही क्या देश में कई प्रधानमंत्री भी परिस्थितियों के कारण बने है जिनमें डॉ. मनमोहन सिंह, गुजराल, देवगौड़ा, नरसिम्हा राव भी है। और आपको बता दें कि नरसिम्हा राव का तो टिकट भी कट गया था लेकिन प्रधानमंत्री बन गए। अगर जनता का सवाल सरकार के सामने ईमानदारी से रखना गलत है तो ये काम मैं आगे भी करता रहूंगा।

मैंने तो मांग की है कि कोई संयुक्त संस्थागत चीज हो जहां अपनी बात कही जाए। अगर ऐसी बात है तो वे लोग फोरम पर क्यों नहीं जाता है। जो लोग हमको गालियां देते है। उनकी सारी गालियां याद है। नितीश कुमार ने जो प्रवक्ता रखे है उनसे से गालियां दिलवाते है।

हम किससे लडें, प्रवक्ताओं से या इनसे। वे प्रवक्ताओं से गालियां दिलवाते है तो हम भी वाजिब बात बोलते है। महागठबंधन धर्म यह है कि जनता की समस्याओं का हल किया जाये। जहां जनता की समस्या को उठाएंगे और उसे हल करने में कठिनाई होगी वहां अपनी ही सरकार को बताएंगे की इसे हल करना चाहिए।

बहरहाल जिस तरह से दोनों दलो में जुबानी जंग चल रही है वैसे में सरकार के कामगाज पर इसका असर पड़ना लगभग तय है।