जानिए आज कल क्या कर रहा है टीवी का ये मशहूर एक्टर

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औरंगाबाद : हिटलर दीदी, अफसर बिटिया, ससुराल गेंदा फूल, सावधान इंडिया,ये रिश्ता क्या कहलाता है जैसे दो दर्जन से भी अधिक टीवी सीरियलों में विभिन्न किरदारों की भूमिका का निर्वहन कर छोटे पर्दे पर अपनी खास पहचान बना चुके औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड के सदीपुर डिहरी निवासी राव रणविजय ने फ़िल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना कदम रखा है और इसी कड़ी में इनकी पहली डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ‘मास्टर साहब’ का मुहूर्त ओबरा के प्रसिद्ध शक्ति पीठ दुर्गा मंदिर में सोमवार को धूमधाम से सम्पन्न हुआ।

फ़िल्म का मुहूर्त वरीय लोजपा नेता प्रमोद सिंह ने मां दुर्गा की आराधना कर की एवं इसकी सफलता की मंगल कामना की। मुम्बई के मायानगरी की चकाचौंध से दूर स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा को उभारने के उद्देश्य से राव ने इस डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का निर्माण किया है। फ़िल्म में उन्होंने एक शिक्षक को राष्ट्र का निर्माता बताया है और यह दिखलाने की कोशिश की है कि यदि कोई शिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही तरीके से करे तो वह न सिर्फ समाज को नई दिशा दे सकता है बल्कि शिक्षा के स्तर को शिखर पर खड़ा कर सकता है।क्योंकि शिक्षक ही वह सख्स है जो कच्चे घड़े के समान नौनिहालों के भविष्य को गढ़कर उनके हॉलों को बुलंद का देश का निर्माता बना सकता है।

पूरी फिल्म एक ऐसे शिक्षक के इर्द गिर्द घूमती है जिसकी पोस्टिंग अति पिछड़े गांव में होती है और जहां शिक्षा के महत्व की जानकारी तक नही होती।शिक्षक ने अपनी विद्वता एवं कर्मठता से ग्रामीणों को न सिर्फ शिष्ट बनाया। बल्कि उनके बच्चों के अंदर संस्कार भरने का काम किया। शिक्षक का प्रयास रंग लाया और जिले में वह पिछड़ा गांव एक आदर्श गांव बन गया। फ़िल्म में स्थानीय कलाकारों के चयन के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कमी नही है और मायानगरी में आने वाले अधिकतर युवक ग्रामीण क्षेत्रो के ही होते हैं और अपने अभिनय का लोहा मनवा रहें हैं। राव ने बताया कि इस डॉक्यूमेंट्री के स्क्रिप्ट का चयन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव के लिए कर लिया गया है और निश्चित ही यह आने वाले दिनों में मिल का पत्थर साबित होगा। फ़िल्म इसके की अधिकतर शूटिंग औरंगाबाद के ही लोकेशन में कई जाएगी जिसमें झुग्गी झोपड़ी एवं दलितों की बस्ती शामिल हैं।

इस डॉक्यूमेंट्री के अतिरिक्त राव ने दो और डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म एक सुखद यात्रा औरंगाबाद एवं सारण तथा हैप्पी होम का निर्माण किया है। डॉक्यूमेंट्री मास्टर साहब के निर्देशक अनिल गजराज, सह निर्देशक कमल चंद्रा, कार्यकारी प्रोड्यूसर सुनील गजराज एवं सिनेमाटोग्राफर जयंता घोष हैं।फ़िल्म के निर्माण में विशेष आभार के रूप ओबरा के संजय गुप्ता,विनोद कुमार सिंह,ऊब पंचायत के पूर्व मुखिया अभिमन्यु शर्मा, दाउदनगर के सामाजिक कार्यकर्ता चिंटू मिश्रा, रतनपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जय कुमार जानी, डॉ विमलेंदु, डॉ जनमेजय एवं राजद व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता उर्फ लाल प्रमुख है।