जालिम शराब के लिए ये क्या-क्या कर रहे लोग

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पटना: बिहार में शराबबंदी का कानून लागू होने के बाद पियक्कड़ एक से बढ़कर एक तरकीब निकाल रहे हैं। कहीं जमीन में दबाकर तो कहीं शौचालय की टंकी में शराब छिपाई जा रही है। इसी क्रम में अररिया में पश्चिम बंगाल से आलू-प्याज की बोरियों में शराब पकड़ी गई है। वहीं गोपालगंज में पानी की टंकी में बोतलें मिली हैं तो पटना में शराब ने एक पुरुष को जेंडर चेंज के लिए मजबूर कर दिया।

पटना की सड़कों पर कभी जींस तो कभी साड़ी पहनकर अदा से ठुमकती मोनिका के बारे में लोगों को अंदाजा नहीं था कि वह दरअसल वेश बदलकर शराब तस्करी करने वाला शातिर अविनाश कुमार उर्फ गोल्डी है।

शहर में शराब की सप्लाई करने के लिए उसने युवती का वेश बना लिया था। पुलिस छापेमारी में उसके पास से शराब की कई बोतलें मिलीं। फेसबुक पर उसने मोनिका कुमारी के नाम से प्रोफाइल भी बना रखी थी। एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि अविनाश महिला का रूप धरकर लोगों से फर्जीवाड़ा भी करता था। साथ ही उसके कई धंधे थे।

अररिया पुलिस ने बीती रात को एक ट्रक व एक अन्यल वाहन से 480 बोतल विदेशी शराब बरामद किए। उन्हें आलू-प्याज की 24 बोरियों में भरकर लाया जा रहा था। मौके से गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि शराब पश्चिम बंगाल के दालकोला से लाई जा रही थी।

बिहार के गोपालगंज जिले में भी देर रात पुलिस ने छापेमारी कर डोर टू डोर शराब पहुंचाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। एसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पानी की टंकी में छुपा कर रखी 251 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गईं। पुलिस ने शराब तस्करी के सरगना सरेया मोहल्ला के रहने वाले मनीष सिंह सहित शशिकांत कुमार, मनीष कुमार और संतोष कुमार केशरवानी को भी गिरफ्तार कर लिया।

आखिर इस तरह की हरकत करने से लोग कब बाज आएंगे। क्या इसे कानून का फोल्ट कहा जाए। बिहार के भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि केके पाठक भी बिहार में सिर्फ 30 फिसदी कानून ही लागू कर पाया। उन्होंने कहा था कि बिहार सरकार शराबबंदी कानून को लागू करने में पूरी तरह से विफल।