जिंदगी ना मिलेगी दोबारा

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जमुई: पत्नी की मृत्यु के बाद एकाकी जिंदगी बिता रहे 77 वर्षीय एक अप्रवासी भारतीय ने रविवार को जमुई स्थित पतनेश्वर मंदिर में जर्मनी की 75 वर्षीय एक महिला से शादी रचाई। हिन्दू रीति रिवाज से हुई इस विवाह में परिवार के अन्य सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई है।

जमुई के गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले धोवघट निवासी शत्रुघ्न प्रसाद सिंह 1962 में कोलकाता से इंजीनियरिंग की पढाई कर नौकरी करने जर्मनी चले गए। जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित क्रोनेनबर्ग में शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने अपना आशियाना बनाया और एयर बस में इंजीनियर की नौकरी पकड़ ली। सिंह बताते हैं कि 38 वर्षों तक एयरबस में नौकरी करने के बाद 16 साल पहले वो कंपनी से रिटायर हो गए।

रिटायरमेंट के बाद जिंदगी अच्छी भली कट रही थी कि 2014 में विपत्ति पहाड़ बन कर टूट पड़ा। उसी साल 28 सितंबर को उनकी पत्नी का देहांत हो गया। किसी तरह से उस सदमें से उबरने की जुगत बिठाए जिंदगी को फिर से पटरी पर लाते हुए वो समान्य होने की कोशिश में लगे थे कि इसी दौरान इंटरनेट के माध्यम से डेटिंग कॉफी के दौरान जर्मनी की ही हैम्बर्ग निवासी 75 वर्षीय एक महिला इडलट्रूड हबीब जो जज के पद से रिटायर हुईं थीं और पांच वर्ष पूर्व 43 बसंत साथ बिताने के बाद जार्डन निवासी उनके पति का देहांत हो चुका था, उनसे श्री सिंह की नजदीकियां बढने लगी।

नेट के माध्यम से ही दोनों ने आगे की जिंदगी साथ गुजारने का निश्चय किया। प्यार के परवान चढते ही बेचैनी भी बढी और दोनों ने पहले मिलने का निर्णय लिया। इस दौरान सिंह स्पेन में थे। स्पेन से लौटते ही जर्मनी के एयरपोर्ट पर ही दोनों प्रेमी युगल ने पहली मुलाकात की। और दोनों ने बची जिंदगी साथ गुजारने का निर्णय लिया।

सिंह ने ये बात भारत में रह रहे अपने रिश्तेदारों को बताई। परिवार के सदस्यों ने वृद्ध प्रेमी युगल का भरपूर साथ दिया। अब इंटरनेट से शुरू हुई मुहब्बत को मुकाम हासिल होना था, सो इडलट्रूड ने भारत जाकर हिन्दू रीति रिवाज से विवाह करने की इच्छा जताई, जिसे श्री सिंह और उनके भारत में रह रहे रिश्तेदारों ने सहर्ष ही स्वीकार कर लिया।

सिंह के नजदीकी रिश्तेदार जमुई स्थित मलयपुर के रमेश प्रसाद सिंह के साथ साथ परिवार के सभी सदस्यों ने विवाह की तैयारी में अपनी अपनी भूमिका बखूबी निभाई और दोनों प्रेमी युगल के परिणय सूत्र में बंधने के गवाह बने। विवाह के पश्चात शत्रुघ्न प्रसाद ने बताया कि इडलट्रूड का विवाह के उपरांत भारत भ्रमण का प्लान है, जिसे हर हाल में पूरा करते हुए वापस जर्मनी लौट जाना है।