जिलाधिकारी ने बताया कि महादलित लड़की की हत्या नहीं हुई थी, बल्कि ट्रेन की चपेट में आने से घायल हुई और इलाज के दौरान हुई मौत

3106
0
SHARE

दिलीप कुमार

कैमूर – जिले के रामगढ़ में कल महादलित लड़की की मौत के बाद हुए बवाल के बाद आज कैमूर जिला अधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी और कैमूर एसपी मोहम्मद फारेगुदीन ने संयुक्त पीसी कर बताया कि महादलित लड़की की हत्या नहीं हुई थी, बल्कि ट्रेन की चपेट में आने से घायल हुई थी और इलाज के दौरान वाराणसी के ट्रामा सेंटर में उसकी मौत हो गई थी। यह सारी बातों की जानकारी मृतक लड़की के परिवार वालों को भी है। उसके बावजूद उनका आरोप था कि हत्या कर लड़की को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था।

उन्होंने बताया कि भभुआ रोड जीआरपी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जो दस्तावेज मुझे उपलब्ध कराया गया है उसमें लिखा गया है, एक लड़की ट्रेन आते देख रेलवे ट्रैक पर कूद गई जिससे उसके चपेट में आ गई, ड्राइवर सूझबूझ से ब्रेक लिया फिर गाड़ी को पीछे कर लड़की को निकाला गया और उसे तुरंत अनुमंडल अस्पताल मोहनिया इलाज के लिए भिजवा दिया गया। जहां लड़की के परिजनों को बुलाकर बेहतर इलाज के लिए वाराणसी के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

यह घटना 16 जनवरी को रात में घटी। इसके बावजूद कुछ स्थानीय नेता लोगों को भड़काने के लिए बयानबाजी करते रहे और उनके इशारे पर रामगढ़ थाने को आग के हवाले कर दिया गया। सारा दस्तावेज जल गया जिसमें लगभग एक करोड़ रुपए के नुकसान हुआ है। छोटी – बड़ी 97 गाड़ियां जल चुकी है, डीएसपी, इंस्पेक्टर सहित 13 पुलिसकर्मी घायल है। चार लोगों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया है। थाने के सारे दस्तावेज उपद्रवियों द्वारा फाड़ दिया गया है। माल खाना का भी काफी नुकसान पहुंचा है। तीन उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। 84 लोगों पर नामजद और सव अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गई है । चिन्हित कर सब के ऊपर कार्रवाई की जाएगी। रामगढ़ शहर में हर चौक चौराहे पर फोर्स और मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। पूरा माहौल शांत है।

पीड़िता के पिता द्वारा आवेदन दिया गया है कि बच्ची चार हजार रुपये निकालने के लिए बड़ौरा स्थित ग्राहक सेवा केंद्र गई थी जहां लिंक फेल होने का बहाना बताकर उसके पैसे की निकासी नहीं की गई और बच्ची को ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक ले जाकर उसके साथ रेप कर हत्या कर दिया है। तो फिलहाल हत्या का मामला जांच में सत्य नहीं आ रहा है। रेप की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आते हैं आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं रामगढ़ थाने में पदस्थापित एस आई अभिनंदन यादव ने बताया कि कल का मंजर भयावह था। लोगों ने थाने पर अचानक हमला बोल दिया। हम लोग अपनी जान बचाकर थाने के ऊपरी तल्ला पर छिपे रहे। हवाई फायरिंग करके लोगों को दूर रखने का प्रयास किया, लेकिन डर बना हुआ था कि कब वह लोग आकर हम लोगों को पर हमला कर देंगे। क्योंकि कई पुलिसकर्मियों पर हमला हो चुका था। कल सांसे अटकी हुई थी।

वहीं रामगढ़ क्षेत्र के डॉक्टर संतोष सिंह ने बताया कि ऐसा मंजर हमने पहले कभी नहीं देखा था। सुबह के 6:00 बजे से रात के 9:00 बजे तक तांडव मचता आ रहा था। दो-दो बार थाने को आग के हवाले किया गया। चारों तरफ पत्थर और डंडे बरस रहे थे, लोग अपनी जरूरी काम से भी बाहर नहीं निकल पाए। किसी को दवा की जरूरत, तो किसी को घर के सामान की आवश्यकता होने के बावजूद लोग घरों में दुबके रहे। अगर प्रशासन उपद्रवियों पर शुरू से ही कड़े रुख अपनाता ऐसा मंजर नहीं होता। कैमूर के इतिहास का काला अध्याय के रूप में कल का दिन जुड़ेगा।