जेल के अंदर 24 घंटे से आमरण अनशन पर बैठे हैं कैदी

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कैमूर / संवाददाता-

बाहर में हुई वर्चस्व के लड़ाई को एक दबंग कैदी ने जेल के अंदर भी छेड़ दिया, जो भभुआ मण़्डल कारा में देखने को मिल रहा है। यहां के मण्डल कारा में भी कैदी दो गुटों में बंट गए हैं। चार दिनों से जेल के अंदर झड़प हो रहा है, जिसके विरोध में करीब 48 कैदी 24 घण्टे से आमरण अनशन पर बैठ गए हैं, जिनमें 4 की हालत खराब हो गई है। जेल प्रशासन ने ईलाज के लिए सदर अस्पताल भभुआ में भर्ती करा दिया है।

अनसन कारी कैदियों का कहना है कि जेल सुपरिटेंडेंट और जामदार दूसरे पक्षों का पक्ष ले रहे हैं। मामला शांत कराने के बजाए भड़का रहे हैं। इन दोनों को डीएम से बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं । जब जेलर ने समझाने की बात की तो एक हत्या का आरोपी जेल में बन्द कैदी जशमुदिन अंसारी, जेलर को ही जान से मारने की धमकी दे डाली। यह बात खुद जेलर ने अपनी जुबानी बताई है।

फिलहाल जशमुदिन को स्पेशल शेल में रख दिया गया है। कैदी जशमुदिन के समर्थकों ने दो दिनों से शहर के पटेल चौक, प्रोफेसर कॉलोनी और जेल के गेट के सामने सड़क जाम कर धरना दिया, लेकिन प्रशासन ने उन लोगों के ख़िलाफ़ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की और जाम हटवाने के लिए कई घण्टे पुलिस को पसीना बहाना पड़ा। जब चाहे उनके समर्थक नंगा नाच करना शुरू कर देते हैं। यदि जिला प्रशासन पहल नहीं की तो कभी भी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि जेल के अंदर जशमुदिन के पक्ष के कैदी समर्थक अंदर ही अंदर बड़े घटना के फिराक में हैं।

ज्ञात हो कि इसी तरह का आरोप तत्कालिन जेलर राम परीक्षण राम पर भी लगा था, जहां कैदियों के समर्थकों ने उनकी गोली मारकर मई 2003 में हत्या कर दी थी। आज कैदियों से मिलने कैमूर डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह पहुंचे और दोनों पक्षों के कैदियों को समझाया जिससे मामला शांत हुआ। वहीं डीएम ने बताया कि भभुआ थाने के सिकठी गांव के दो समुदाय के बिच चल रहे पूर्व मामले को लेकर जेल में दो पक्षों में झड़प हुआ था। जल्द ही कुछ कैदियों को दूसरे जेल में शिफ्ट किया जाएगा ।